किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) द्वारा बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर रोष प्रकट किया गया।
साथ ही मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को साैंपा। जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि हर तरह से किसान मार खा रहा है।
एक ओर दैवीय आपदाओं से तो दूसरी ओर अधिकारियों की कारगुजारियों से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग पर फोरलेन के निर्माण में किसानों की अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा उचित नहीं दिया जा रहा है।
वहीं पिछले वर्ष ओलावृष्टि से नुकसान हुई फसलों की भी राहत धनराशि नहीं मिल पाई है। आज भी किसान चेक पाने की बाट जोह रहा है। उन्होंने कहा कि फोरलेन के निर्माण में अधिग्रहित की जा रही किसानों की भूमि का मुआवजा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 द्वारा
निर्धारित दर से किए जाने, पिछले वर्ष का बकाया दैविय आपदा राहत चेक किसानों को शीघ्र दिए जाने, किसानों को सस्ते दामों पर जैविक खाद व ढैंचा उपलब्ध कराने, कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाने, गरीब परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आंगनबाड़ी,
आशा व रसोईयां कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने आदि की मांग की गई है। किसान पंचायत में राजबली, शैलेष वर्मा, पारसनाथ, शोभनाथ, तीर्थराज, अमरनाथ, रमेश, समरनाथ प्रजापति, मेवालाल, खलील अहमद, बाबू राम, जगदीश, शिवप्रताप सिंह, माता प्रसाद, सीताराम, गुड्डू, रामआसरे आदि उपस्थित रहे।