सतहरिया। बादशाहपुर रेलवे स्टेशन का चयन अमृत भारत योजना में किया गया है। ब्रिटिश हुकूमत में बना स्टेशन नगर पालिका क्षेत्र में आता है, जो सतहरिया औद्योगिक क्षेत्र के समीप है। इसके बावजूद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को दूर दराज ट्रेन पकड़ने जाना पड़ता है। विभाग के अधिकारियों की माने तो इस लाइन से आठ ट्रेनों का आना-जाना होता है। दो हजार यात्री हर दिन यात्रा करते हैं। स्टेशन का रोजाना डेढ़ लाख की आमदनी होती है।
नीलांचल एक्सप्रेस, गरीबरथ सुपरफास्ट, अर्चना सुपरफास्ट, मालदा, मरूधर एक्सप्रेस, हावड़ा बीकानेर सुपरफास्ट, हावड़ा लालकुआं सुपरफास्ट एक्सप्रेस, कोलकाता आगरा कैंट एक्सप्रेस, मालदा टाउन आनंद बिहार एक्सप्रेस, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन लखनऊ एकात्मकता एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का ठहराव नहीं है। भदोही से चलने वाली इंटरसीटी भी अचानक बंद कर दी गई: भदोही से चलने वाली इंटरसिटी से भी स्थानीय व्यापारियों को सहूलियत होती थी।
यह बादशाहपुर होकर लखनऊ वाया कानपुर तक जाती थी। इससे व्यापारियों को काफी सुविधा होती थी। व्यापारी एक दिन में ही कानपुर से खरीददारी घर लौट आते थे।
ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से लोगों को 50 किलोमीटर प्रयागराज अथवा सौ किलोमीटर से ज्यादा दूर वाराणसी से ट्रेन पकड़ना पड़ रहा है। अनिल विश्वकर्मा, , डॉ रियाज आदि ने जिला प्रशासन व रेल विभाग के अधिकारियों से ट्रेनों का ठहराव करने की मांग की है। स्टेशन अधीक्षक आरबी राम ने बताया है कि उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है।