करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के तहत 20 करोड़ का अनुदान मिलने के बाद भी विश्वविद्यालय परिसर में शोध भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ।
विवि को मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने के लिए शोध भवन की स्थापना होनी है। शोध भवन के जरिये नई रिसर्च लैब, उन्नत तकनीकी उपकरण और शैक्षणिक सुविधाओं की बहाली की तैयारी थी। लेकिन हकीकत यह है कि योजना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कार्यदायी संस्था जल निगम को टेंडर दे दिया गया है। ठेकेदार भी तय हो चुका है, लेकिन अभी तक धन निर्गत नहीं किया गया है। इसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वित्त अधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि 20 करोड़ की लागत से शोध भवन का निर्माण होना है। शासन धन स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अभी तक धन मिला नहीं है। टेंडर भी हो चुका है। धन मिलने के बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। शासन से मिले धन से शोध के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है। ताकि छात्रों को शोध के बेहतर सुविधाएं मिल सकें।