जौनपुर। जिले में गेहूं खरीद शुरू हुए एक माह से अधिक का समय हो गया। बावजूद इसके खरीद में रफ्तार नहीं बढ़ी। अब तक 134 क्रय केंद्रों में 588 किसानों से 2055 टन गेहूं की खरीद हुई है। 15 जून तक 72 हजार टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया गया है। मंडी में गेहूं का अधिक भाव क्रय केंद्रों के का लक्ष्य पूरा करने में मुश्किल खड़ा कर रहा है। जिले में सात लाख से अधिक किसान हैं। इस बार 208595 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। गेहूं खरीद के लिए मारर्केटिंग के 23, पीसीएफ के 79, पीसीयू के 24, एफपीओ के छह, एफसीआई के एक, कुल 134 क्रय क्रेद़ निर्धारित किया गया है। इन केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई। शुरूआत में कटाई व मड़ाई नहीं हो पाने से किसान क्रय केंद्रों पर कम पहुंच रहे थे, लेकिन अब कटाई मड़ाई हो गई इसके बावजूद अधिकांश किसान क्रय केंद्रों पर न जाकर घर पर ही व्यापारी बुलावाकर बेच दे रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर 588 किसानों से 2055 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जिसकी कीमत करीब चार करोड़ 36 लाख है। जिसमें से तीन करोड़ 26 लाख का भुगतान कर दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक गेहूं की खरीद की जा सके, लेकिन शासन द्वारा निर्धारित गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान भोलानाथ यादव, राजन सिंह, जितेंद्र तिवारी का कहना है कि गांव में 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की बिक्री हो रही है। जब व्यापारी घर से ही गेहूं खरीद रहे ले रहे हैं तो अपने खर्चे से गेहूं क्रय केंद्रों पर ले जाने की जहमत क्यों उठाएं। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा होने से इस साल सरकारी गोदाम भरना भी मुश्किल हो सकता है।
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वर्जन
जिले में गेहूं खरीद के लिए 134 केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 588 किसानों से 2055 टन की खरीद की जा चुकी है। जिसकी कीमत करीब चार करोड़ 36 लाख रुपये है। जिसमें तीन करोड़ 36 लाख का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक गेहूं की खरीद की जा सके। जिन किसानों की फसल बेमौसम बारिश से खराब है या चमक कम हो गई उनका भी गेहूं खरीदा जाएगा। उसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसान भी क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री कर सकते है।
- एनके पाठक, जिला खाद्य एवं विपान अधिकारी