जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षा मूल्यांकन कार्य को लेकर काफी गंभीर है। जिला विद्यालय निरीक्षण ने बोर्ड के सचिव के पत्र का हवाला देते हुए जनपद में बनाए गए सभी सात मूल्यांकन केंद्रों को आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों को मोबाइल तक ले जाने पर रोक है। इतना ही नहीं, किसी भी बाहरी व्यक्ति वो चाहे शिक्षक संगठन के पदाधिकारी ही क्यों न हो को अंदर प्रवेश नहीं देने को कहा है।
मूल्यांकन के लिए जिले में कुल छह लाख 80 हजार 898 उत्तर पुस्तिकाएं आई हैं। जिसमें से हाई स्कूल की चार लाख 17 हजार 774 और इंटर की दो लाख 63 हजार 124 उत्तर पुस्तिकाएं हैं। जिनका दस दिन के भीतर मूल्यांकन करना है। इन कापियों को जांचने के ले लिए सात मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। जीजीआईसी, शिया इंटर कॉलेज और टीडी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जा रहा है। इसी प्रकार सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जनक कुमारी इंटर कालेज, बीआरपी इंटर कालेज और ग्रामोदय इंटर कालेज गौराबादशाहपुर केंद्र पर इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। जहां गोपनीयता बनाए रखने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस बार नई व्यवस्था की है। इस संबंध में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव के पत्र का हवाला देते हुए आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक मूल्यांकन कक्ष में किसी भी परीक्षक द्वारा मोबाइल फोन ले जाना वर्जित है। साथ ही आदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी न होने दी जाए। मूल्यांकन केंद्र पर लगे कार्मिकों के अतिरिक्त बाहरी व्यक्तियों या शिक्षक संगठन के पदाधिकारी का मूल्यांकन कक्ष में पूर्णयत: प्रवेश वर्जित रहेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जहां मूल्यांकन संबंधित कार्य हो रहे हैं, वहां बने कोठार, मूल्यांकन कक्ष, बंडलों के सीलिंग, पैकिंग एवं पत्राचार कक्ष आदि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और वायस रिकार्डर की निगरानी करते हुए रिकार्डिगिं सुरक्षित रखी जाए। वहीं, डीआईओएस राजकुमार पंडित का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव का सख्त निर्देश है कि किसी भी मूल्यांकन केंद्र के भीतर किसी को न जाने दिया जाए। किसी भी मूल्यांकन केंद्र की फोटो अथवा सूचना भी गोपीनय रखी जाए, जिसके चलते किसी को भी केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।