जौनपुर। भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है, जिससे पावर हाउस पर दबाव बढ़ गया है। इस बढ़ी हुई खपत के कारण ट्रांसफार्मर जलने और बिजली की ट्रिपिंग की समस्या आम हो गई है। पिछले दो महीनों में जिले में बिजली की खपत कम थी। मार्च में 1760 मेगावॉट खपत थी जो अप्रैल में बढ़कर 2000 मेगावाट हो गई। एक माह में खपत 240 मेगावाट बढ़ गई। इससे ट्रांसफार्मर जलने और बिजली के ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है।
इस समय जिले में एक माह में बिजली की खपत बढ़कर 2000 मिलियन यूनिट हो गई है जबकि दो महीने पहले फरवरी में 1700 मेगावाट थी। बिजली खपत की समस्या के मुख्य कारणों में बिजली की चोरी और बिजली निगम की नाकामी शामिल है। लोग घरेलू कनेक्शन की आड़ में कल-कारखाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, उद्योग चला रहे हैं। इससे उपकेंद्रों पर लोड बढ़ गया है। इसे रोकने में बिजली निगम विफल साबित हो रहा है। बिजली निगम की ओर से बिजली व्यवस्था को सुधारने और बिजली चोरी को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने दैनिक कार्यों में परेशानी हो रही है और व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं।
तीन माह में बिजली खपत के आकड़े
फरवरी-1700 मेगावाट
मार्च-1760 मेगावाट
अप्रैल-2000 मेगावाट
जिले में बिजली की खपत बढ़ने का प्रमुख कारण बिजली चोरी के चलते ओवरलोड की समस्या है। इसे नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जायेंगे। -राकेश पांडेय, मुख्य अभियंता विद्युत, वाराणसी।