दीपावली के मौके पर विद्युत झालरों और इलेक्ट्रानिक दीपक , मूर्ति के बाजार में इस साल दिल्ली और मुंबई आदि की स्वदेशी कंपनियों का कब्जा है। चाइनीज आइटमों से कारोबारियों के साथ साथ ग्राहकों ने भी तौबा करना शुरू कर दिया है।
हालांकि चाइनीज आइटम पूरी तरह बाजार से गायब नहीं हैं। दीपावली के मौके पर सजे इलेक्ट्रानिक्स बाजारों का बुधवार को अमर उजाला की पड़ताल में ऐसा ही कुछ निकल कर सामने आया। बाजार में तमाम तरह के विद्युत झालर, तोडन, लरी,
दीपक, इलेक्ट्रानिक मूर्तियां आदि आदि मौजूद हैं लेकिन इसमें अधिकतर उत्पाद स्वदेशी कंपनियों के हैं। नगर के नखास स्थित तिवारी कलेक्शन के प्रोपराइटर विकास तिवारी कहते हैं कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के चलते इस बार
उन्होंने चाइनीज उत्पादों को बहुत कम मात्रा में मंगवाया है। ग्राहक भी अब स्वदेशी उत्पादों को ही अधिक तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में विद्युत तोडन, लरी की कई वेरायटी मौजूद है। गेंदा लरी और चमेली लरी लोगों को खूब भा
रही है। लरी बाजार में 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक कीमत में उपलब्ध है। लक्ष्मी गणेश की इलेक्ट्रानिक मूर्तियां भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी है। इलेक्ट्रानिक धार्मिक तस्वीरों से भी बाजार पटा पड़ा है।
स्विच आन करते ही आरती के साथ टिमटिमाती रोशनी में लक्ष्मी गणेश आदि देवी देवताओं की मूर्ति किसी का भी मन मोह सकती हैं। इलेक्ट्रानिक कमल का फूल 120 रुपये से लेकर 600 रुपये की कीमत में मौजूद हैं।
लेजर लाइट, वेलकम लिखा तोडन, दीपावली लैंप भी लोगों को खूब भा रहा है। रिमोट से संचालित झालरों का रंग भी रिमोट से बदल सकते हैं।