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कहीं सीधी तो कहीं त्रिकोणीय रही लड़ाई...

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मल्हनी प्राथमिक विद़्यालय पर वोट देने के लिए कतार में खड़ी मुस्लिम महिलाएं। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। मल्हनी विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए सभी प्रत्याशियों ने पूरी ताकत लगा दी है। रैली-सभा और जनसंपर्क में कोई कसर नहीं छोड़ी। मगर ऐन वक्त पर मुकाबला त्रिकोणीय बन गया। कई बूथों पर साइकिल और सिलेंडर में टक्कर दिखी तो कहीं कमल का फूल भारी पड़ता दिखा। मतदान के बाद प्रत्याशियों के खेमे में बूथवार आंकड़ों का आकलन किया जाने लगा है। उपचुनाव में मतदाताओं के उत्साह के कारण चौंकाने वाले परिणाम के कयास लगाए जा रहे हैं। मल्हनी के दंगल में 16 उम्मीदवारों ने ताल ठोंकी है। नामांकन के बाद से ही सभी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं को रिझाने में जुट गए थे। स्टार प्रचारकों ने भी माहौल बनाने में कसर नहीं छोड़ी। सभी दल और उम्मीदवारों के चुनावी वादों को टटोलने के बाद मतदाता ने भी अपना फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है। चुनाव की सही तस्वीर भले ही 10 नवंबर को मतगणना के बाद तय होगी, लेकिन इससे पहले ही बूथवार पड़े वोटों के आधार पर चुनावी पंडित जीत-हार की भविष्यवाणी करने में जुट गए हैं। मतदान के दौरान कई बूथों पर लड़ाई त्रिकोणीय दिखी। यादव बहुल इलाकों में सपा मजबूत दिखी तो सवर्ण मतदाताओं वाले क्षेत्र में भाजपा और निर्दल उम्मीदवार धनंजय सिंह के बीच मतदाता बंटे नजर आए। पिछड़ों में गैर यादव बिंद, निषाद, चौहान, कुम्हार, लोहार सहित अन्य जातियों के वोट भी भाजपा, सपा और निर्दल उम्मीदवारों के हिस्से में गए हैं। इस बार सबसे खास बात रही कि अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं का मिजाज भी बदला हुआ था। निर्दल उम्मीदवार धनंजय सिंह के गांव बनसफा में 67, शेरवां में 61, कलवारी में 65 प्रतिशत तो रीठी में 48 प्रतिशत मतदान हुआ है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित सीमा द्विवेदी के मायके भोइला में 60 प्रतिशत मतदान हुआ। आईएएस-आईपीएस के गांव के रूप पहचाने जाने वाले माधोपट्टी में भी मतदान प्रतिशत पचास से अधिक रहा। रामदयालगंज, रंजीतपुर आदि गांवों में सपा के खेमे में भीड़ देखी गई।
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