शहर के एक शाॅपिंग मॉल में रविवार को खरीदारी करतीं महिलाएं।
रमजान का आखिरी असरा शुरू होते ही ईद की भी तैयारी तेज हो गई है। ईदगाहों, मस्जिदों और घरों की सफाई में लोग जुट गए हैं। खरीददारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी है। पिछले साल के मुकाबले सेवईं, मेवा, चीनी से लेकर कपड़ों आदि तक की कीमतें बढ़ी हैं फिर भी बाजार की रौनक कम नहीं हुई है।
लोग दिल खोलकर खरीददारी कर रहे हैं। बाजार में महंगाई का असर नहीं दिख रहा है। अमर उजाला ने रविवार को ईद के बाजार की पड़ताल की तो पता चला पिछले साल के मुकाबले इस साल खाने पीने से लेकर पहनने तक के सामान महंगे हुए हैं।
पिछले साल शर्बती सेवई (मोटी सेवई) जो बाजार में 30 से 40 रुपये किलो बिक रही थी वही इस साल 45 से 50 रुपये किलो मिल रही है। किमामी सेवई (महीन सेवई) का दाम 60 रुपये से बढ़कर 75 से 85 रुपये किलो तक पहुंच गया है। किमामी सेवईं में खोवा का भी इस्तेमाल किया जाता है।
खोवा जो पिछले साल बाजार में 100 से 150 रुपये किलो बिक रहा था वही खोवा इस साल 200 रुपये किलो मिल रहा है। काजू पिछले 650 रुपये किलो था इस साल बाजार में काजू बाजार में 750 रुपये किलो बिक रहा है। लावा 350 रुपये किलो से बढ़कर 400 रुपये किलो हो गया है।
छोहाड़ा 120 से बढ़कर 140 रुपये किलो हो गया है। हालांकि बादाम का दाम कम हुआ है। पिछले साल बादाम 800 रुपये किलो था जबकि इस साल 700 रुपये किलो है। चना 40 रुपये किलो से बढ़कर 80 रुपये किलो और चना का बेसन 60 रुपये किलो से बढ़कर 90 रुपये किलो की दर से बाजार में बिक रहा है। उधर, रेडिमेड कपड़ाें की दूकानों पर सुबह से रात तक भ्ाीड़ देखने को मिल रही है। कुर्ते और पायजामे भी लोग खरीद रहे हैं। रेडिमेड कपड़ाें पर भ्ाी महंगाई का खासा असर है।