प्रदूषण के चलते रविवार को उताराई मरी मछलियां।
गोमती नदी में बढ़ते प्रदूषण के चलते मछलियां मरने लगी हैं। रविवार को हनुमान घाट, गोपी घाट, विसर्जन घाट समेत अन्य घाटों पर मछलियां मरने की खबर लगते ही वहां भीड़ लग गई। इसका सबसे बड़ा कारण नदी में नालों के जरिए पहुंच रहे जहरीले को रसायन माना जा रहा है। इससे पहले भी कई बार मछलियां मर चुकी है। बावजूद प्रशासन लापरवाह बना रहा।
गोमती नदी के प्रदूषण का असर अब जलीय जंतुओं पर पड़ रहा है। जानकारों की मानें तो आक्सीजन की कमी के चलते मछलियां मर रही है।
सुबह सद्भ्ाावनापुल से शाही पुल के बीच में मछलियों को उतराया देखा तो लोग जुटने लगे। मछुआरों ने जाल से मछलियों को इकट्ठा किया। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों एवं नगरपालिका परिषद को दी गई। लेकिन कोई मौके पर नहीं आया। स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता अलबत्ता अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर के गोपीघाट पर जहरीला रसायन का पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। जिससे गोमती नदी पूरी तरह प्रदूषित हो गई है।
स्वच्छ गोमती अभियान के लोग नदी में जाल डलवाकर मछलियों को बाहर निकलवाया। संासद प्रतिनिधि पूर्व विधायक बाकेलाल सोनकर भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने लोगों से मछलियों का सेवन नहीं करने की सलाह दी।