रामीरगंज। करियांव मीरगंज बाजार स्थित पंगुलदास कुटी पर चल रहे शतचंडी महायज्ञ में सातवें दिन बृहस्पतिवार को बीएचयू के पूर्व कुलपति डॉ. गिरीश चंद्र त्रिपाठी शामिल हुए। उन्होंने संत भवन का उद्घाटन किया। ग्रामीणों ने पुष्प गुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।
इस मौके पर पूर्व कुलपति डॉ गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि राजा के लिए अधिकार नहीं कर्तव्य महत्वपूर्ण होते हैं। लिहाजा उसे इसी रूप में व्यवहार करना चाहिए। कहा कि समाज में महिलाओं व पुरुषों का सामंजस्य भगवान शंकर के रूप में भी अर्धनारीश्वर के रूप में व्यक्त हुआ है। वह पूरे विश्व मंच पर भारत के रामचरितमानस और महाभारत के रूप में भी प्रकट हुआ है। धार्मिक मान्यताएं हैं कि पुरुष और महिला दोनों का समायोजन जब भी खंडित हो जाएगा, तब कुछ न कुछ उपद्रव उपस्थित हो जाएंगे। दोनों का साथ चलना ही विश्व व समाज के लिए पूजनीय होता है। संचालन शंभूरत्न उपाध्याय गांगेय ने किया। इसके पूर्व मठ के आचार्य आत्मानंद ने अभिवादन किया। सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम अंजनी कुमार सिंह, सीओविजय सिंह, थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश राय पुलिस बल के साथ डटे रहे। इस अवसर पर कृष्णकांत, राकेश कुमार, रामनरायन सेठ, भोला सेठ, प्रदीप कुमार, शिव कुमार राजेश कुमार, हनुमंत पांडेय आदि मौजूद रहे।