राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन कार्ड के लिए लोगों ने ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया पर आवेदनों का सत्यापन करना अब विभाग के लिए चुनौती बन गया है। 6.65 लाख आवेदन पत्र ब्लाक मुख्यालयों पर डंप है। ग्राम पंचायत अधिकारियों ने राशन कार्डों के सत्यापन करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। सत्यापन के लिए आखिरी तारीख 20 जून निर्धारित की गई है लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारियों की हठवादिता के चलते सत्यापन कार्य कराना प्रशासन के लिए चुनौती होगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्ड धारकों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो की दर से चावल मिलेगा। परिवार के प्रत्येक सदस्य को महीने में तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल देने का प्राविधान है। योजना के तहत राशन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई तो लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए। जिले के सभी 21 विकास खंडों से कुल 6.65 लाख लोगों ने आवेदन किया है। जिसमें एक लाख 54 हजार 72 लोगों ने अंत्योदय कार्ड के लिए बाकी लोगों ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने का दावा करते हुए आवेदन किया है।
ऑनलाइन आवेदन में जो भी दावे किए गए हैं उसका सत्यापन ग्राम पंचायत स्तर पर कराया जाना है। जिला पूर्ति विभाग की ओर से ब्लाक वार आवेदनों की कापी ब्लाक कार्यालय भेज दी गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने एलान कर दिया कि वे सत्यापन का काम नहीं करेंगे। दलील दी कि उनके पास पहले से ही इतने काम हैं। ऐसे में काम नहीं होगा।
अब सत्यापन के लिए पहले से तय की गई 20 जून की आखिरी तारीख बीतने में सप्ताहभर का समय बचा है। ऐसे में ग्राम पंचायत अधिकारी मान भी गए तो छह दिन के भीतर काम पूरा करना मुश्किल होगा।