शहर की सड़कों को चौड़ा करने और नाली निर्माण के नाम पर जगह जगह महीनों से खोद कर छोड़ी गई सड़कें लोगों के जी का जंजाल बन गई हैं। पालिटेक्निक से ओलंदगंज सड़क पर नाली निर्माण के लिए खुदाई कर मलबा सड़क पर छोड़ दिया गया है। छह माह से धूल गुबार के साथ लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
पालिटेक्निक से ओलंदगंज मार्ग पर नाली निर्माण का कार्य छह माह पहले शुरू हुआ था लेकिन अभी आधा भी काम पूरा नहीं हो सका है। मलबा सड़क पर होने के कारण आए दिन जाम लग जाता है। घंटों लोग जाम में फंसकर परेशान होते हैं। दवा कारोबारी मिथिलेश प्रताप सिंह कहते हैं कि सड़क पर दिन भर इतनी धूल उड़ती है कि बिना मास्क लगाए बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। नगरपालिका प्रशासन से कई बार शिकायतें भी की गई लेकिन काम आगे नहीं बढ़ रहा है। रुहट्टा निवासी मनोज गुप्ता, अनिल कुमार, जनरल स्टोर चलाने वाले अजय साहू कहते हैं कि खोद कर छोड़ी गई सड़क के कारण दूकानदारी भी चौपट हो रही है। धूल के कारण लोगों की सांस फूलने लगती है इससे कोई दूकान पर खड़ा नहीं होना चाहता।
नगरपालिका के ईओ संजय शुक्ल का कहना है शहर की सड़कें बेहद सकरी थी। नाली की भी व्यवस्था ठीक नहीं थी। बारिश में पानी सड़कों पर जमा हो जाता था। इसे ठीक करने के लिए लोगों को कुछ परेशानी तो होगी ही।