मौसम में बदलाव से बढ़ीं बीमारियां
भीड़ सामान्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी में रहा अधिक दबाव
सोमवार को 1416 मरीजों ने कराया इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। बारिश थमने के बाद मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को जिला अस्पताल में 1416 मरीज ओपीडी में पहुंचे। जबकि अमूमन एक हजार से 1200 मरीज ही ओपीडी में आते थे। चिकित्सकों ने बताया कि ज्यादातर लोग बुखार के शिकार हैं।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही पर्ची कटाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग गई। ओपीडी में 1416 मरीजों ने इलाज के लिए पर्ची बनवाया। ज्यादातर मरीज बुखार से पीड़ित थे। कुछ मरीजों में डायरिया और उल्टी-दस्त की शिकायत थीं। सिद्विकपुर निवासी शमशाद अली का कहना है कि बुखार होने के बाद उन्हें भर्ती होना पड़ा। अस्पताल में इलाज का उचित प्रबंध नहीं है। सुक्खीपुर निवासी सकीना बेगम को डाक्टरों ने डेंगू बताया है। उन्हें ब्लड की कमी है। तीन दिन से अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन ब्लड उन्हें नहीं चढ़ाया जा सका है। दीवानी कचहरी के निकट के रहने वाले मनीष का कहना है कि बुखार के बाद उन्हें भर्ती कराया गया है। डाक्टर बाहर से दवा लिख रहे हैं। अस्पताल से कुछ ही दवाएं मिल रही हैं। चौकियां निवासी मालती का कहना है कोई उन्हें फाइलेरिया उसे बता रहा है तो कोई कुछ और। तमाम जांच के बाद भी डाक्टर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए है। अस्पताल अच्छे डाक्टरों का अभाव है। जिससे मरीजों का समुचित इलाज होना संभव नहीं हो पा रहा हैं। उधर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी एवं फीजिशियन का कार्य देख रहें डा. सैम दास का कहना है कि बदलते मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। ऐसे में पीने वाले पानी का खास ध्यान रखना चाहिए। बुखार की शिकायत होने पर चिकित्सक को दिखाकर तुरंत इलाज शुरू कर देना चाहिए।
इनसेट----
डेंगू का भी असर, एक भर्ती
जौनपुर। जिला अस्पताल में बुखार का इलाज कराने आए एक मरीज की जांच कराई गई। ब्लड की जांच कराने के बाद डेंगू के लक्षण मिले हैं। इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुखार से पीडित जो भी मरीज आ रहे हैं। उनको ब्लड की जांच कराने की हिदायत दी जा रही है। सीएएस का कहना है कि बुखार आने पर पहले जांच करा लेना चाहिए।
कोट----
जिला अस्पताल में मरीजों के लिए हैं दवाएं पर्याप्त मात्रा में हैं। पहले दवाओं के लिए मारामारी होती थी। लेकिन अब अस्पताल में एंटीबायोटिक से लेकर सभी जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीजों को आसानी से दवाएं उपलब्ध हो जा रही है। मरीजों को बाहर से दवाएं नहीं खरीदनी पड़ रही हैं।
डा. अभिमन्यु कुमार सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर