जौनपुर। तीन दिन बाद एक दिन धूप निकलने के बाद सोमवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ली। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने के कारण कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हो गए। शीतलहर के चलते जिला प्रशासन ने कक्षा आठ के सभी विद्यालयों को चार जनवरी तक बंद रखने आदेश दिया है। अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नए साल का पहले दिन सुबह शीतलहर कोहरे की चादर ओढ़कर आई। जिसके बाद आसमान में बादल छाया रहा। दिनभर सूर्य की किरणों को भी धरती पर नहीं उतरने दिया, जिसके चलते लोग ठिठुरन से कांपते रहे। बर्फीली हवाओं ने सुबह से ही अपना डेरा जमा लिया था। दिन चढ़ने के साथ ही सूर्यदेव के दर्शन की उम्मीद धूमिल होती गई। हल्की ओस की बूंदों ने जनजीवन को प्रभावित किया। दोपहर बाद बढ़ी ठंड का कहर शाम को पूरे चरम पर था। ठंड से बचाव के लिए राहगीरों को अलाव ही एकमात्र सहारा नजर आ रहा था। बाजारों में प्रमुख सड़कों के किनारे कई स्थानों पर लोग अलाव से हाथ सेंककर ठंड से बचाव करते नजर आए।
वहीं ठंड से मुंबई से आने वाली गोदान एक्सप्रेस ढाई घंटे, ताप्ती गंगा चार घंटे विलंब से जौनपुर जंक्शन पर पहुंची। जिससे यात्री ठंड में परेशान हुए। उधर जिला अस्पताल में रोज की अपेक्षा आधी ओपीडी रही। प्रतिदिन जहां एक हजार से 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते है वहीं सोमवार को ओपीडी में 573 मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अशोक यादव ने बताया कि खांसी सर्दी, बुखार ज्याद मरीज रहे।
डीएम अनुज कुमार झा के निर्देश पर अवकाश घोषित किया गया है। समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य, प्रबन्धक को निर्देश दिया कि सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तर प्रदेश बोर्ड, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त एवं मदरसा बोर्ड के कक्षा एक से आठ तक सभी विद्यालय में शीतलहर एवं ठंड के कारण चार जनवरी तक बंद रहेंगे।-डा.गोरखनाथ पटेल, बीएसए