जिले में औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के निर्देशन में गठित स्पेशल टीम ने नगर कोतवाली अंतर्गत शहर के मुफ्ती मोहल्ला स्थित फर्म एस एन मेडिकल एजेंसी की जांच की गई तो इस फर्म द्वारा 18000 कोडिन युक्त फेंसेडिल कफ सिरप की खरीद और बिक्री की गई है।
जिसकी अनुमानित लागत 40.68 लाख आकी गई है। खरीद और बिक्री बिल का सत्यापन तक औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 22(1)(डी) के अंतरगत औषधियों की खरीद पर रोक तत्काल प्रभाव से लगाई गई है। जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया पूर्व मे किये गये एजेंसीयो की सघन जांच और रिकॉर्ड को खंगालने के बाद पाया गया की अकेले सिर्फ इस जिले में 18.28 लाख कोडिन युक्त फेंसेडिल कफ सिरप की अवैध तस्करी की गई है।
जिसका अनुमानित मूल्य 41.1 0 करोड़ रुपये की कोडिन युक्त फेंसेडिल कफ सिरप की बिक्री सामने आई है। नकली और नशीली दवाओँ के इतने बड़े खुलासे से महकमें के सभी अधिकारी हैरत में पड़ गए। मामले को बेहद ही गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उक्त फर्म का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सम्बंधित फर्म द्वारा यदि फर्म आदेश का उल्लंघन करते हुए मिली तो गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराते हुए जेल भी भेजा जाएगा।
नशीली दवा गैंग कारोबारी का खुलासा
प्रदेश के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के निर्देश पर जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के निर्देशन में गठित स्पेशल टीम पिछले एक सप्ताह से जिले में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। टीम द्वारा जनपद जौनपुर स्थित कोडिएनयुक्त कफ सिरप की सेल करने वाली मेडिकल एजेंसी की सघन जांच की जा रही है। एजेंसियों की जांच कोडिन युक्त कफ सिरप और एनआरएक्स श्रेडी की औषधियों की रोकथाम लगाने के दृष्टिगत की गई है। जिसमें बड़े पैमाने पर नशीली दवा गैंग के कारोबारी का खुलासा हो रहा है।