सिकरारा क्षेत्र के कलवारी गांव स्थित स्व डा लालजी सिंह के आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सीभा में श्?
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सिकरारा। डीएनए वैज्ञानिक डॉ. लालजी सिंह ने स्व हित को त्याग कर सदैव देश हित की चिंता की। इसीलिए वह अमर हैं। अपने शोधों से उन्होंने मानविकी विज्ञान के माध्यम से समाज के लिए जो उपहार दिया है वह सराहनीय है। पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह के चौथी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को कलवारी स्थित राहुल पीजी कालेज पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के मुख्य अतिथि पीजीआई लखनऊ के सेंटर आफ बायोमेडिकल रिसर्च के निदेशक प्रो. आलोक धवन ने आनलाइन उद्बोधन में कही। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक ही नहीं अपितु उच्च कोटि के दार्शनिक भी थे। सीडीएफडी जैसी प्रयोगशाला की स्थापना व सीसीएमबी जैसे रिसर्च सेंटर के निदेशक के रूप में जिन्होंने लुप्त हो रहे वन्य जीव के प्रजातियों के संरक्षण के लिए लकांस जैसी लैब को मूर्त रूप दिया। अंडमान की जनजातियों के डीएनए पर उन्होंने अकेले काम किया और विश्व प्रसिद्ध जर्नल नेचर ने उन्हें अपने विशेषांक में प्रमुखता से छापा। छात्रा आंचल मिश्र सहित कालेज में सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्रों को पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह स्मारक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोविड काल में सेवा के लिए देव दूत वानर सेना के कपिल उपाध्याय को भी सम्मानित किया। कालेज से पढ़कर निकले 15 छात्रों को भी सम्मानित किया गया। आभार डॉ. आशीष सिंह तथा संचालन राष्ट्रपति से पुरस्कृत सेवानिवृत शिक्षक लल्लन उपाध्याय ने किया।