जौनपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगाए जा रहा मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में इलाज के नाम पर केवल कोरम पूरा किया जा रहा है। डॉक्टरों की कमी के कारण फॉर्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और वार्ड ब्वॉय मरीजों का इलाज कर रहे हैं। रविवार को जिले के 72 स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले में अधिकतम स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर नहीं मिले। मजबूरन मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
महराजगंज: पीएचसी लोहिंदा, पूरालाल, राजबाजार व गद्दोपुर में एक भी डॉक्टर नहीं रहा। पीएचसी लोहिंदा में एलटी भुवनेश्वर ने मरीजों का इलाज किया। मुन्नालाल (50) ने बताया कि सांस की परेशानी है जांच नहीं हो पाया। जांच के लिए सीएचसी बुलाया गया। द्रौपदी ने बताया कि एक हफ्ते से बुखार है। डॉक्टर नहीं मिलने के कारण इलाज नहीं हो पाया। पीएचसी गद्दोपुर में डॉ. आरपी निगम, पीएचसी पूरालाल में फॉर्मासिस्ट राकेश कुमार, पीएचसी राजाबाजार में एलटी अंगद सिंह ने मरीजों को दवा दी। अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के चलते इलाज में दिक्कत हो रही है।
गौराबादशाहपुर: पीएचसी बगथरी में 20 मरीजों का इलाज किया गया। डॉ. आरके यादव ने बताया कि नौ पुरुष, 8 महिलाओं और 3 बच्चे का इलाज और स्वास्थ्य जांच हुआ। डॉ. विनय कुमार, डॉ. सीपी पांडेय आदि उपस्थित रहे। पीएचसी बारी डॉ. अखिलेश सोनकर ने 12 लोगों के स्वास्थ्य की जांच हुई। पीएचसी बमैला में 23 मरीजों का इलाज डॉ. सुनील कुमार सरोज ने किया। मछलीशहर: पीएचसी जमालपुर में 17 मरीजों का इलाज हुआ। इलाज कर रहे डॉ. आरके यादव ने बताया कि बुखार,डायरिया और खुजली के पीड़ितों की संख्या अधिक रही।