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दवाओं पर चिकित्सक की मनमानी रोकने की मांग

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जौनपुर। केमिस्ट एंड कॉस्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री एवं रसायन व उर्वरक मंत्री को संबोधित पत्र भेज कर दवाओं को ड्रग एंड प्राइज कंट्रोल आर्डर में लाने की मांग की है। इससे निजी अस्पतालों की दवाओं के दाम में मनमानी लूट को रोका जा सकेगा। संगठन के अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने बताया कि अभी मात्र 17 फीसदी दवा ही डीपीसीओ के दायरे में आती है। बाकी 83 फीसदी दवाओं के दाम कंपनी स्वयं तय करती है।
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संगठन के महामंत्री राजेंद्र निगम ने बताया कि दवा निर्माता एक ही साल्ट की दवा को अलग-अलग ब्रांड नेम से अलग-अलग प्राफिट मार्जिन पर नर्सिंग होम एवं अस्पतालों को बेचती है। इसका नतीजा होता है कि डॉक्टर और अस्पताल उसी दवा को मरीजों को लिखते हैं जिनमें उनको सौ से दो सौ फीसदी का मुनाफा होता है। संगठन ने अपने पत्र के माध्यम से सरकार से मांग की है कि जीवन रक्षक दवाओं के साथ सभी प्रकार की दवाओं तथा सर्जिकल सामानों को भी डीपीसीओ के दायरे में ले आए जिससे निजी अस्पतालों की दवाओं के दाम में मनमानी लूट को रोका जा सके।
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