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एक बराबर होंगे मत तो लॉटरी से होगा फैसला

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जौनपुर। जिले में ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए पड़े मतों की गिनती दो मई से होनी है। निर्वाचन आयोग ने मत पत्र वैध और अवैध होने के कारणों का भी निर्धारण किया है। इसके अलावा एक बराबर दो प्रत्याशियों को मत मिलने पर लाटरी के जरिए विजेता का चयन करने का भी निर्देश दिया है।
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आयोग ने वैध मत पत्रों की पहचान के लिए चार बिंदु बताए हैं। मत पत्र के प्रत्याशी के कॉलम में एरोक्रास रबरसील से कहीं भी चिन्ह लगा होने, प्रत्याशी के कालम में एक से अधिक एरोक्रास रबरसील से चिन्ह लगे होने, मूल निशान एक प्रत्याशी के पक्ष में है, लेकिन मत पत्र मोड़ते समय किसी के अन्य प्रत्याशी के स्तंभ में छाया आ जाने और मत पत्र के पृष्ठ भाग से सुभेदक मोहर नहीं होने मगर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर होने पर मत पत्र को वैध माना जाएगा। वहीं सात कारणों से मतपत्र अवैध माना जाएगा। इसमें मतपत्र में जब सामने की ओर चिन्ह व निशान नहीं लगा होने पर, तय निशान लगाने वाले उपकरण से निशान नहीं लगे होने पर, निशान खाली स्थान, पृष्ठ भाग व उपेक्षित स्थान पर लगा होने पर, जब दो या उससे अधिक प्रत्याशियों के सामने निशान लगने पर, मत पत्र फटने के कारण पहचान नहीं होने पर, जब मत पत्र प्रमाणित नहीं होने, नकली होने और उसके पृष्ठ भाग पर पीठासीन अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं होने, निशान चुनाव चिन्ह विभाजीत करने वाली रेखाओं के मध्य अंकित होने पर मत पत्र अवैध होगा। मत पत्र में अंगूठे का निशान लगे होने पर तो वह वैध माना जाएगा, लेकिन अंगूठे का निशान असावधानी पूर्वक पकड़ने से लगा है तो मत पत्र अवैध नहीं माना जाएगा।
- मत पत्रों को वैध व अवैध घोषित करने के लिए चुनाव आयोग ने कई बिंदु तय किए हैं। इस बारे में प्रशिक्षण के दौरान सभी मतगणना कार्मिकों को जानकारी दे दी जाएगी, ताकि उनको वैध व अवैध मत पत्र छांटने में दिक्कत न हो। -रामप्रकाश, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।
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