जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सरकारी अस्पतालों में प्रसव की संख्या घटने पर जिलाधिकारी नाराजगी जताई। उन्होंने आशा के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की निगरानी कराने और प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों में लाने के लिए प्रेरित करने को कहा। हिदायत दी कि अगर आशा बहुएं निजी अस्पतालों में प्रसव के लिए गर्भवती को ले जाती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया कि जो अस्पताल बगैर लाइसेंस के प्रसव करा रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। जननी सुरक्षा योजना के अवशेष भुगतान को शीघ्र कराने और अस्पतालों में मरीजों को दिए जा रहे खाने की जांच करने का निर्देश दिया। सीएचसी प्रभारी महाराजगंज, रामपुर, मुफ्तीगंज को आशाओं का भुगतान शत-शत कराने के लिए प्रशस्ति पत्र देने का निर्देश दिया। एनआरसी में सभी बेड खाली होने और जिला कार्यक्रम अधिकारी का अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने में लापरवाही करने पर वेतन रोकने का निर्देश दिया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 15 से 31 दिसंबर तक अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. राकेश कुमार, डॉ. आरके सिंह, डॉ. राजीव व सीएचसी तथा पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।