जिले के 11 ब्लाक डार्क जोन है। जिसमें गर्मी के मौसम में लगातार जल स्तर नीचे गिरने लगता है। जिसे ऊपर उठाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कवायद भी शुरु कर दी गई है। तालाब व चेकडेम बनाने के लिए कार्य योजना शासन को भेज दी गई है। साथ ही जलदोहन वाले नए कार्यो पर रोक लगा दी गई है।
गर्मी का मौसम आते ही जल स्तर नीचे गिरने लगता है। इस दौरान हैंडपंपों व ट्यूबवेल पानी छोड़ने लगते हैं। सबसे अधिक दिक्कत डार्क जोन ब्लाकों में होती है। जिले में कुल 21 ब्लाकों में से 11 ब्लाक डार्कजोन घोषित किया गया है। जिसमें धर्मापुर, मुफ्तीगंज, केराकत, डोभी, सिकरारा, सिरकोनी, बदलापुर, महराजगंज, बरसठी, बक्शा व करंजाकला है।
इन ब्लाकों में हैंडपंप व ट्यूबवेलों के पानी छोड़ने लगे हैं। पानी की समस्या से लोगों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए लघ़ु सिंचाई विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत एक-एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के 29 बड़े तालाब व राष्ट्रीय पेयजल योजना के तहत चेकडैम 25 चेक डैम बनाने के लिए कार्य योजना शासन को भेज दी गई है। स्थ्ाान भ्ाी तय कर लिए गए हैं। इसके अलावा जलदोहन वाले कार्य जैसे नया बोरिंग करने और बिजली का नया कनेक्शन देने आदि पर रोक लगा दी गई है।
लघु सिंचाई के सहायक अभियंता उमाकांत तिवारी ने बताया कि डार्क जोन वाले ब्लाकों में जलदोहन से होने वाले नये कार्य पर रोक लगा दी गई है। इन ब्लाकों में जलस्तर ऊपर उठाने के लिए 29 तालाब और 25 चेक डैम बनाने की कार्य योजना शासन को भेज दी गई है। स्वीकृत होते ही काम शुरू हो जाएगा।