जौनपुर। प्रयागराज हादसे के बाद मौनी अमावस्या पर जौनपुर के रास्ते महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं को जनपद की सीमाओं पर ही राेक दिया गया।
मंगलवार की देर रात से ही संगम किनारे जनसैलाब उमड़ पड़ा था। ऐसे में श्रद्धालुओं की भीड़ को प्रयागराज की सीमा से पहले ही रोकने के लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिया। इसके बाद रात 2.20 बजे से ही जौनपुर में मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, त्रिलोचन, चंदवक, रामपुर सीमा को सील कर दिया गया। ऐसे में रोडवेज की बसें या अपने साधन से यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को वहीं पर रुकना पड़ा। हालांकि इस दौरान उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न हो जिला प्रशासन की ओर से इसके पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक महाकुंभ मेला प्रशासन से आदेश मिलने तक सभी श्रद्धालुओं को सीमा पर ही रहना होगा।
लगभग दो हजार यात्रियों को प्रशासन ने नगर में रोका
मछलीशहर। प्रयागराज में हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले में जाने वाले वाहनों को रोक दिया है। रोडवेज बस स्टैंड परिसर, बिहारी महिला महाविद्यालय और कोतवाली परिसर में यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था की गई है। नगर से गुजरे रायबरेली हाईवे पर एक तरफ वाहनों के रोके जाने के बाद से जाम लगा है। रोडवेज बस स्टैंड परिसर बसों और यात्रियों से भर गया। लगभग दो हजार श्रद्धालुओं को नगर में रोका गया। क्षेत्राधिकारी परमानंद कुशवाहा ने बताया कि अग्रिम आदेश तक प्रयागराज जाने वाले वाहनों को रोका गया है। रोडवेज बस स्टैंड परिसर, बिहारी महिला महाविद्यालय, सर्किल के थानों, स्कूलों और सीडा में यात्रियों को कैंप कराया जा रहा है। लगभग 24 घंटे के लिए मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक लगाई है। यह समयावधि बढ़ भी सकती हैं।
संगम का जल लेने जा रहे थे मधुबनी आश्रम से 65 लोग
मछलीशहर। बिहार के मधुबनी आश्रम से 65 लोग महाकुंभ में जलाभिषेक के लिए जल लेने प्रयागराज जा रहे थे। प्रशासन द्वारा बिहारी महिला महाविद्यालय में उन्हें रोक दिया गया। इससे वे मायूस हो गए। उक्त आश्रम के श्रद्धालु सूर्य कुमार ने बताया कि हम लोगों की बस को भोर में 4 बजे रोडवेज बस स्टैंड में रोक दिया गया। सभी यात्रियों को डिग्री कालेज में पहुंचाया गया है। आश्रम के आशाराम ने बताया कि वे सब प्रयागराज संगम का जल लेकर आश्रम स्थित मंदिर में शिव जी को चढ़ाते हैं। अब प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां रोक दिया है। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में भीड़ कम होने के बाद जाएंगे। इसी प्रकार गोरखपुर से बस लेकर प्रयागराज जा रहे परिचालक सुशील कुमार कह रहे हैं कि 55 यात्री लेकर बस चली थी। लेकिन रात में मछलीशहर में रोक दिया गया। सभी यात्री रात भर परेशान रहे।
अतिथि सत्कार में जुटे रहे लोग
मछलीशहर। नगर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में रुके यात्रियों के अतिथि सत्कार की भावना से लोग सुविधा देने में लगे हैं। वहीं मेले में जा रहीं महिला यात्री भी भोजन बनाने में सहयोग कर देखी जा रही हैं।
महाकुंभ जा रहे लगभग 24 से अधिक बस को रोडवेज परिसर में ही रोक दिया गया है। श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए नगर पंचायत के प्रशासक/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ ने अधिशासी अधिकारी विजय कुमार सिंह और उनके सहयोगियों को तथा लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों को तैनात किया है। भोजन और जलपान की व्यवस्था की जा रही है। समाजसेवी अतिथि सत्कार में जुटे रहे। ऐसे में महिलाएं भला कैसे पीछे रह सकती हैं। महिला खाना बनाने में पूरा सहयोग करती देखी गईं।
बैरिकेडिंग से दिन भर परेशान रहे नेपाल के 200 स्नानार्थी
बदलापुर। प्रशासन की ओर से की गई बैरिकेडिंग से बदलापुर- प्रयागराज पर वाहनों की कतार लग गई। नेपाल के रूपन डेही जिले के बुतवल शहर के लगभग 200 यात्री आ गए। वे दिन भर भूख-प्यास से परेशान रहे। सभी यात्री 5 बसों से प्रयागराज के लिए मंगलवार शाम को निकले थे। इनमें 130 पुरुष व 70 से अधिक महिलाएं व बच्चे थे। सभी रात भर चलकर खुटहन पहुंचे। यहां सभी बसें रोक दी गईं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे मय फोर्स क्षेत्र में चक्रमण करते रहे। फोरलेन हाईवे पर भी बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। जनपद की पश्चिमी सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में ही बड़े वाहनों को राजमार्ग पर रोक दिया गया।
महाकुंभ स्नानार्थियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन
बदलापुर। कस्बे के शाहगंज रोड पर बुधवार को धर्म सेवा संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सुबह से देर रात तक स्नानार्थियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। अध्यक्ष डा. अलिंद मिश्र ने कहा कि मानव से मानव का एक मात्र संबंध है मानवता। इनकी सेवा सराहनीय कार्य है। ऐसे पुनीत कार्यों में सभी को बढ़ चढकर हिस्सा लेना चाहिए। यह आयोजन 10 वर्षों से लगातार चल रहा है। इस अवसर पर शेषभान मिश्र, विनय शुक्ल, विनय तिवारी, श्रवण शुक्ल, विनय यादव, संतोष विश्वकर्मा आदि का सराहनीय सहयोग रहा।