फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: जर्जर भवन कभी दे सकते हैं हादसों का जख्म

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के अधिकतर क्षेत्रों में जर्जर भवन मौत को दावत दे रहे हैं। बारिश होने के बाद स्थिति और गंभीर होती जा रही है। पिछले 15 दिनों के अंदर पालिटेक्निक चौराहा व बड़ी मस्जिद के पास दो जर्जर भवन गिरने से पांच से छह की संख्या में लोग घायल हुए। नगर पालिका परिषद ने 122 जर्जर भवन चिह्नित किए हैं। इसके बाद भी उनको न गिराकर प्रशासन शायद कुछ और मौतों का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद जौनपुर में ओलंदगंज, रूहट्टा, बांसफोड़ वाली गली, अहमद खां मंडी, बजरंग घाट, फलवाली गली, नवाब युसूफ रोड, अटाला मस्जिद, ताड़तला मार्ग आदि स्थानों पर जर्जर मकान हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इसमें रुहट्टा में एक वर्ष पहले जर्जर भवन का मलबा सड़क पर सुबह के समय गिर था, हालांकि इसमें किसी के जानमाल का खतरा नहीं हुआ। तब नगर पालिका ने आधी सड़क पर पट्टी से लाल घेरा बनाया गया लेकिन आजकल उसको हटा दिया गया।
कई मकान तो प्रमुख बाजारों के बीच सड़कों पर मौजूद हैं, जिनके गिरने से कई लोगों की जान जा सकती है। करीब ऐसे ही हालत ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। मकान जर्जर हो गया है, लेकिन उसमें लोग निवास कर रहे हैं।
विज्ञापन


केस वन:-
22 अक्तूबर 2021 को बड़ी मस्जिद के पीछे मोहल्ला रौजा अर्जन में मिट्टी और ईंट से बना करीब 70 साल पुराना जर्जर तीन मंजिला मकान ढह गया था। परिवार के 11 लोग मलबे में दब गए। पांच लोगों की मौत हो गई और छह घायल हो गए थे। मृतकों में एक पड़ोसी भी शामिल था।

केस टू:-
नगर के ओलंदगंज में स्थित एक भवन इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी गिर सकता है। 2000 में अगरबत्ती बेचने वाले एक व्यक्ति पर बारजा का कुछ हिस्सा गिरने से उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह भवन के बारजा गिरने से एक व्यक्ति घायल हुआ था।

कोट
शहरी क्षेत्रों में अक्सर देखा जाता है कि किराएदार मकान खाली नहीं करते हैं। ऐसे में मकान मालिक पहले से ही शिकायती पत्र व दीवानी न्यायालय में मुकदमा कर रखे हैं। इसमें हादसा होने पर किराएदारों पर भी मुकदमा की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जर्जर भवनों का सर्वे कराया जाएगा। -जलराजन चौधरी, सिटी मजिस्ट्रेट।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें