एंटी करप्शन द्वारा पकड़ा गया आरोपी चकबंदी लेखपाल दीपक मौर्या। स्रोत- सोशल मीडिया
मिर्जापुर-जौनपुर। खतौनी में नाम दर्ज कराने के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सोमवार को एंटी करप्शन विभाग की टीम ने चकबंदी विभाग के लेखपाल दीपक मौर्य को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद तहसील में हड़कंप मच गया।
मझिगवां गांव के लालजी सिंह की पत्नी का नाम खतौनी में दर्ज करने का आदेश हुआ था। आरोप है कि आदेश के अनुपालन और खतौनी की नकल देने के लिए लेखपाल ने पांच हजार रुपये मांगे। लालजी सिंह ने नौ सितंबर को शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने लेखपाल को पकड़ने की योजना बनाई। सोमवार को लालजी सिंह ने तहसील परिसर में लेखपाल दीपक मौर्य को पांच हजार रुपये दिए। रकम लेते ही टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई।
दीपक मौर्य मूल रूप से जौनपुर के मड़ियाहूं के हृदयपुर का रहने वाला है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत लालगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। कार्रवाई में एसीओ मिर्जापुर निरीक्षक कृष्णवतार सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, निरीक्षक अनिल कुमार चौरसिया समेत टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।