श्रीराम कथा में उपस्थित महिलाएं। संवाद
शाहगंज। नगर के रामलीला मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रद्धालु भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का वर्णन सुन भावविभोर हो उठे। कथा व्यास राजन महाराज ने माता पार्वती और भगवान शिव के संवाद के माध्यम से श्रीराम के दिव्य स्वरूप का वर्णन किया। कहा कि माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ से निवेदन किया कि वे श्रीराम की कथा आरंभ से अंत तक सुनाएं। माता ने जिज्ञासा प्रकट करते हुए पूछा कि जिन राम की आप आराधना करते हैं, वे कौन हैं क्या वे निर्गुण ब्रह्म हैं या अयोध्या में जन्म लेने वाले राजा दशरथ के पुत्र । इस प्रश्न के उत्तर में भगवान शिव ने श्रीराम के सगुण और निर्गुण दोनों रूपों की महिमा का वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि हरि और राम में कोई भेद नहीं है। जो राम हैं वही हरि हैं। बिना भगवान शंकर की कृपा और भक्ति के रामकथा का पुण्य प्राप्त नहीं होता। संतों के जीवन से सीख लेते हुए हर परिस्थिति में प्रसन्न रहना ही सच्ची भक्ति है। मौके पर आनंद अग्रहरि, विशाल अग्रहरि, भुवनेश्वर मोदनवाल, कृष्णकांत सोनी, राम अवतार अग्रहरि आदि रहे।