जलालपुर। क्षेत्र के विबनमऊ ग्राम सभा में स्व. नागेंद्र बहादुर सिंह के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ के छठे दिन प्रयागराज से पधारे कथावाचक पं. कृष्ण भूषण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे। कथावाचक कहा कि कंस अहंकार और अत्याचार का प्रतीक था। जब पाप का घड़ा भर जाता है, तो परमात्मा स्वयं अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं। श्रीकृष्ण द्वारा कंस का वध वास्तव में मनुष्य के भीतर छिपे अहंकार के विनाश का संदेश है।