ऐसे तो बन चुका नगर क्लीन व सुंदर। नगर क्षेत्र के मुहल्लों व सार्वजनिक स्थानों पर कचरों को ढेर न लगे, इसके लिए कूड़ादान रखा गया है।
बावजूद इसके सड़कों, सार्वजनिक स्थानों सहित मुहल्लों में कचरों को अंबार लगा हुआ है। जिससे कूड़ेदान बेकार साबित हो रहे हैं। सफाई को लेकर अनपढ़ों के साथ-साथ पढ़ा लिखा तबका भी गंभीर नहीं दिख रहा है।
जहां हो रहा है वहीं कचरा फेंकने का कार्य कर रहा है। वर्तमान समय में रोज 192 टन कचरा निकलता है। जिसमें 71 टन कचरा कूड़ेदान और 121 टन कचरा वाहनों का निकलता है।
कचरा सड़कों, सार्वजनिक स्थानों व मुहल्लों में खुले में फेंका नहीं जाए । इसके मद्देनजर नगर पालिका की ओर से मुहल्लों की गलियों व सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ादान रखा गया है।
कुल 465 कूड़ादान रखे गए हैं। जिसमें 65 बड़े कूड़ादान और 400 छोटे हैं। इसके बाद भी लोग कूड़ादान में कचरा रखने की बजाय बाहर ही फेंकना मुनासिब समझ रहे हैं। बारिश में कचरा सड़ जाता है।
इससे संक्रामक बीमारियां भी फैलने की आशंका रहती है। यह सब जानते हुए भी लोग कचरे को कूड़ेदान में नहीं फेंकते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कचरा बाहर फेंकने की लोगों की आदत सी बन गई है।