तारापुर कालोनी में दिपावली पर्व के मौके पर परिवार के साथ फूलझड़ी जलाते बच्चे।
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जौनपुर। कोरोना का असर पटाखा कारोबार पर भी जबरदस्त पड़ा है। इस बार दीपावली पर पिछले साल की अपेक्षा पटाखों की बिक्री 60 फीसदी कम रही। दुकानों पर पटाखा खरीदने के लिए लोगों की कम भीड़ थी। इसके बावजूद दीपावली पर करीब दो करोड़ के पटाखा जल गए।
दीपावली पर पटाखों की बिक्री करने के लिए जिले के सभी बाजारों में पटाखा की दुकानें एक सप्ताह से सज गई थी। बावजूद इसके लोगों को पटाखा खरीदने में परेशानी न हो। इसके लिए जिला प्रशासन ने तहसील स्तर सहित शहर में स्थानों का चयन कर पटाखों की दुकानें लगवाया था। इस दौरान शहर क्षेत्र में ही 24 पटाखा की लाइसेंसी दुकानें हैं। इसके अलावां बीआरपी इंटर कालेज व राज कालेज के मैदान पर भी 72 पटाखे के दुकानें लगी थीं। अकेले शहर क्षेत्र में स्थित इन दुकानों से करीब एक करोड़ 40 लाख के पटाखे बिके। वहीं ग्रामीण इलाके में पटाखों की दुकानें तो सजी रहीं लेकिन कोरोना के कारण पटाखा खरीदने के लिए लोगों की कम भीड़ लगी रही। सूत्रों की माने तो करीब 60 लाख के पटाखों की विक्री हुई है। इस दौरान इस साल दीपावली पर तकरीबन दो करोड़ के पटाखे जल गए। दुकानदारों के मुताबिक पिछले साल की अपेक्षा इस साल 60 कम बिक्री हुई। उनका कहना है कि कोरोना व लाक डाउन के कारण काफी कम लोग ही पटाखा खरीद रहे हैं, जो लोग खरीदने भी आ रहे हैं। वे काफी कम पटाखा खरीद रहे हैं।
पटाखा की दुकानों पर इस बार भीड़ काफी कम रही। जिससे पटाखा की विक्री काफी घट गई। कई दुकानदारों ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा पटाखों की बिक्री 60 फीसदी कम हुई है।दुकानदारों की मानी जाए तो तकरीबन पूरे जिले में दो करोड़ रूपये का पटाखा की विक्री होने का अनुमान है। - सहदेव मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट