राज्य सूचना आयुक्त पारस नाथ गुप्ता ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में सूचना अधिकार अधिनियम एवं उत्तर प्रदेश सूचना अधिकार नियमावली 2015 के विहित प्रावधानों के विषय में जिले के जनपद स्तरीय जन सूचना अधिकारी/ अपीलीय अधिकारियों को द्वितीय चरण का प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम क्रांतिकारी अधिनियम है। भारत एक प्रजातांत्रिक देश है जिसमें जनता को किसी भी जानकारी को प्राप्त करने का अधिकार है। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम 2005 व उ.प्र. सूचना का अधिकार नियमावली 2015 के अंतर्गत आवेदन में आवेदक का नाम, आवेदक के पिता/पति का नाम तथा पत्राचार का पूर्ण पता होना चाहिए ताकि आवेदक से संपर्क किया जा सके। आवेदन के साथ रु0 10 की धनराशि नकद जमा करने की रसीद/डिमान्ड ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक/पोस्टल आर्डर संलग्न होगा। बीपीएल श्रेणी के आवेदकों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। उधर कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि समय सूचना नहीं देने वालों के खिलाफ अब प्रदेश में साढ़े सात हजार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कहा तय अवधि में यदि अधिकारी सूचना नहीं देता है तो सूचना मांगने वाले को सक्षम अधिकारी के यहां प्रथम और द्वितीय अपील करना चाहिए। इसके बाद भी सूचना नहीं देने पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।