जौनपुर। महीनों से बंद कचरा निस्तारण प्लांट फिर से चालू होगा। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद ए टू जेड ने इसे खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। मशीनों को दुरुस्त किया जा रहा है। पहले प्लांट परिसर में डंप कूड़े का निस्तारण होगा। उसके बाद शहर से एकत्रित कूड़े को प्लांट तक पहुंचाना शुरू किया जाएगा। फिलहाल खाली प्लाटों और सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। उसकी दुर्गंध से लोग आजिज हैं।
कुल्हनामऊ में 12.39 करोड़ रुपये की लागत से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाया गया है। बसपा की सरकार के दौरान वर्ष 2011 में जिला मुख्यालय से आठ किमी दूर इसका शिलान्यास किया गया। तकरीबन 11 एकड़ भूमि में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में शुरू हुआ। इस दौरान कभी भूमि विवाद के चलते काम लटका तो कभी ग्रामीणों के विरोध के कारण। दस साल बाद यह बनकर तैयार हुआ तो लोगों को उम्मीद जगी थी कि कचरे की समस्या से निजात मिल जाएगी। प्लांट का उद्घाटन मार्च 2021 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और राज्यमंत्री गिरीश चंद यादव ने किया था। इसकी रोजाना 100 टन कूड़ा निस्तारित की क्षमता थी। मौजूदा समय में शहर से रोजाना 97 टन कूड़ा ही निकलता है लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो पा रहा। बिजली का समुचित प्रबंध नहीं होने के कारण उद्घाटन के कुछ महीने बाद ही प्लांट बंद हो गया। नगर पालिका शहर का कूड़ा प्लांट में डंप कती रही। प्लांट बंद होने के कारण के कारण वहां के डंपिंग ग्राउंड पर कचरे का पहाड़ बन गया। उसके सड़ने से उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया।
बाद में नगर पालिका ने कूड़े को सड़कों के किनारे और खाली प्लाटों में फेंकना शुरू कर दिया। इससे नागरिकों को परेशानी होने लगी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कचरा निस्तारण प्लांट चलाने के लिए नामित संस्था ए टू जेड के अफसरों को कार्रवाई का नोटिस जारी किया। इसके बाद संस्था के लोग हरकत में आए। अब प्लांट को फिर से चालू करने की कोशिश शुरू हो गई है। संस्था ने प्लांट चलाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती कर दी है और मशीनों की मरम्मत कराई जा रही है। ए टू जेड के प्रबंधक सत्यप्रकाश ने बताया कि प्लांट को अब नियमित रुप से चलाया जाएगा। अलग-अलग मशीनें चलाई जाएंगी ताकि किसी एक पर लोड न पड़े। सड़क की मरम्मत के चलते अभी कूड़ा कम आ रहा है। ऐसे में पहले से एकत्रित कूड़े का निस्तारण किया जाएगा।
सड़क किनारे फेंका जा रहा कूड़ा
गली-मोहल्लों में जगह-जगह खाली प्लाटों और सड़क के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। पचहटिया में सेंट पैट्रिक स्कूल से रेलवे क्रॉसिंग के मध्य तक सड़क की एक पटरी को कूड़ा से ही पाटा जा रहा है। बारिश के बाद बजबजाता कूड़ा आसपास के लोगों के साथ ही राहगीरों की भी परेशानी का सबब बन रहा है।
कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू करा दिया गया है। शहर से नियमित कूड़ा वहां भेजा जा रहा है। सड़क के किनारे या खाली प्लाटों में कूड़ा फेंकने की जानकारी नहीं है। अगर कोई कर्मचारी ऐसा कर रहा है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -संतोष कुमार मिश्र, ईओ, नगर पालिका।