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पूविवि के डीजी लॉकर में सुरक्षित होगी डिग्री और मार्क्सशीट

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डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत, पूर्वांचल विश्वविद्यालय छात्रों की डिग्री और मार्कशीट को सुरक्षित रखने के लिए नई पहल शुरू कर दिया है। डिजिटल इंडिया के तहत छात्रों की डिग्री और मार्क्सशीट को डिजी-लॉकर में सुरक्षित करेगा। छात्रों के प्रमाणपत्रों को डिजिटल मोड में सुरक्षित रखने में सक्षम बनाएगा और उन्हें कभी भी और कहीं भी एक्सेस प्रदान करेगा।
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कागज रहित (पेपरलेस) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार नए सत्र में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में डिजिटल लॉकर (डिजी-लॉकर) शुरू करने की तैयारी है। विवि से पांच जनपदों के कुल 971 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इन महाविद्यालयों में सत्र 2020-21 में कुल 195921 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। अभी तक इन छात्रों को डिग्री और मार्कशीट की सुरक्षा के लिए कोई पहल नहीं की गई थी। लाखों विद्यार्थियों की डिग्री मार्क्सशीट अब डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनवरी या फरवरी में सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम घोषित करने के साथ ही विद्यार्थियों के डिजिटल लॉकर में भेजा जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने आईआईटी व अन्य तकनीकी संस्थानों को इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने को कहा है। इस क्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने जनवरी में सेमेस्टर के साथ ही इसे प्रभावी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के डीजी लॉकर अकाउंट खोलेगा। रिजल्ट घोषित करने के बाद विवि मार्क्सशीट इसी लॉकर में भेजेगा। विद्यार्थी जब अंतिम वर्ष में पास आउट होंगे तो उनकी डिग्री भी डीजी लॉकर में रखी जाएगी।
आधार और मोबाइल नंबर से लिंक होने पर आएगा पूरा डाटा
विवि के परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह ने बताया कि विद्यार्थी अपने डिजिटल लॉकर को आधार या मोबाइल नंबर से लिंक करा सकेंगे। जिसके बाद उनके हाईस्कूल, इंटर की मार्क्सशीट सर्टीफिकेट आदि भी इस डिजिटल लॉकर में आ जाएंगे। विद्यार्थी चाहेंगे तो अपने अन्य डाटा भी इसमें सुरक्षित रख सकेंगे। डिजी लॉकर की प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने के बाद इसका लिंक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिखना शुरू हो जाएगा।
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आसानी से हो सकेगा डाक्यूमेंट का वेरिफिकेशन
परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने डीजी लॉकर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पर आनलाइन चर्चा हो चुकी है। जल्द ही डीजी लॉकर की टीम विवि आएगी और तकनीकी जानकारी देगी। विद्यार्थियों के एकाउंट खोलने और डाक्यूमेंट डाटा डीजी लॉकर में रखने की जानकारी भी देंगे। माना जा रहा है कि सेमेस्टर परिणाम के बाद ही मार्क्सशीट लाकर में भेजने का काम शुरू हो जाएगा। इन डाक्यूमेंट का वेरिफिकेशन आसानी से किसी भी समय हो सकेगा। विद्यार्थी को भी मूल प्रमाण पत्र के लिए कहीं दौडना नहीं पड़ेगा। वह अपने डीजी लॉकर नंबर से इसे कहीं भी प्रमाणित हो सकेगा।
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