पांच ग्राम पंचायतों में हुए उप चुनाव में प्रधान पद के 16 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला गुरुवार को मत पेटी में बंद हो गया। पांचों ग्राम पंचायतों को मिलाकर कुल 48.39 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मत पेटियों को संबंधित ब्लाक मुख्यालय पर बने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। मतगणना दो मई को सुबह आठ बजे से होगी।
सभी ग्राम पंचायतों में मतदान सकुशल सम्पन्न करा लिया गया। किसी भी बूथ पर किसी गड़बड़ी की खबर नहीं है।
जिले के चार ब्लाकों की पांच ग्राम पंचायतंों में ग्राम प्रधान पद के लिए कुल 16 प्रत्याशी मैदान में थे। नए ग्राम
प्रधानों का कार्यकाल बमुश्किल पांच या छह महीने का हो सकता है। बावजूद इसके भी इन ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान पद का उप चुनाव कई लोगों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। अपनी गंवई राजनीति की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए लोगों ने एड़ी
चोटी का जोर लगा दिया था। फिलहाल उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटी में बंद हो गया है। ब्लाक मुख्यालयों स्ट्रांग रूम में रखी गई मतपेटी की सुरक्षा के लिए प्रत्याशियों ने अपने एजेंटों का पहरा बैठा दिया है। सिरकोनी ब्लाक के
विशुनपुर मझवारा में सर्वाधिक 57.18 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां कुल 1497 वोटरों में से 856 ने वोट डाले। यहां सपा नेता रत्नाकर चौबे की मां चमेला देवी, गौतम चौबे, देवेंद्र चौबे मैदान में थे।
सिकरारा ब्लाक के हसनपुर ग्राम पंचायत में 48.6 फीसदी लोगों ने मतदान किया। यहां 1751 वोटरों में से 894 ने वोट डाले। सरिता और जंगबहादुर मैदान में थे। इसी ब्लाक के देहजुरी ग्राम पंचायत में 46.5 फीसदी मतदान हुआ।
कुल 1870 वोटरों में से 870 ने वोट डाले। देहजुरी में गुरुचरन, बीरे और ओमप्रकाश के बीच मुकाबला है। धर्मापुर ब्लाक के देवचंदपुर गांव में सबसे कम 41 फीसदी लोगों ने वोट डाले। यहां कुल 2616 वोटरों में से 1076 ने वोट डाले।
गांव में प्रधान पद के लिए राजेश, गौरी, प्यारेलाल और साहब लाल मैदान में थे। मछलीशहर ब्लाक के सरायदेवा ग्राम पंचायत में 48.67 फीसदी लोगों ने मतदान किया। यहां कुल 1360 वोटरों में से 662 ने वोट डाले।
सरायदेवा गांव में सबसे अधिक पांच प्रत्याशी मैदान में थे। प्र्रत्याशियों में ऊषा देवी, रीता देवी, आशा देवी, कलावती और लालती शामिल हैं।