जौनुपर। नए जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में जनसामान्य को दी जाने वाली सेवाओं जिसमें आय, जाति, निवास, उत्तराधिकार, वरासत की तहसीलवार स्थिति और आइजीआरएस शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाया लेखपालों के पास 164 और राजस्व निरीक्षक के पास 64 मामले लंबित हैं, समय सीमा बीतने के बाद भी इनका निराकरण नहीं हुआ। डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी मामलों को जल्द से जल्द निस्तारित करने को कहा।
डीएम ने कहा कि उत्तराधिकार और वरासत रिपोर्ट अपनी तहसील से संबंधित काॅलम नंबर सात (लेखपाल स्तर) और काॅलम नंबर 15 (आरआई) में लंबित आवेदनों का अवलोकन करें। निस्तारण शीघ्र सुनिश्चित करें। अन्यथा लापरवाही बरतने वाले एसडीएम और तहसीलदार के प्रति विभागीय कार्रवाई होगी। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान को प्रतिदिन रिपोर्ट अपडेट करने का निर्देश दिया। उधर, कलेक्ट्रेट सभागार में एसडीएम, तहसीलदार और लेखपालों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि सभी लेखपाल क्षेत्र के मृतक के घर जाएं, बैठक करें और उनका आवेदन कराते हुए वरासत दर्ज करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह भी निर्देशित किया कि जितने भी वरासत के आवेदन लंबित है, तत्काल निस्तारित करते हुए पेंडेंसी शून्य कर लें। जो लेखपाल सबसे अधिक वरासत दर्ज कराएगा, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। राजस्व के कार्यों को प्राथमिकता पर निस्तारित करें, जिससे कि गरीब एवं पात्र व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। एग्री स्टेक के कार्य को गंभीरता से किए जाएं। वह कभी भी किसी भी गांव में निरीक्षण कर सकते हैं। वर्तमान में संचालित सभी योजनाओं में जनपद को प्रथम स्थान पर लाने का प्रयास किया जाए। इस माैके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान, उप जिलाधिकारी सदर पवन कुमार, केराकत सुनील कुमार, मड़ियाहूं कुणाल गौरव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।