फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: समय सीमा पूरी, फिर भी नहीं हो सका 243 अमृत सरोवरों का निर्माण

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। शासन की ओर से जल संरक्षण के लिए सभी गांवों में अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है। जिले के 21 ब्लॉकों में 726 अमृत सरोवरों का निर्माण होना था, जिसे पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2024 थी। रविवार को समय सीमा पूरी हो रही है लेकिन फिर भी 270 अमृत सरोवराें का निर्माण नहीं हो सका है। मनरेगा के अधिकारियों ने इसका कारण बजट का अभाव बताया है।
विज्ञापन

वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा है। विभागीय अधिकारियों मुताबिक 726 लक्ष्य के सापेक्ष 456 अमृत सरोवर का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया। जबकि 270 पर कार्य प्रगति पर है। शासन ने भूगर्भ जलस्तर को सामान्य बनाए रखने और वर्षा जल के संरक्षण के लिए अमृत सरोवर निर्माण कार्य की पहल की है। योजना के मुताबिक प्रत्येक अमृत सरोवर के पास जाली बनाई जाएगी। ताकि उसमें पेड़ के पत्ते, कूड़ा-करकट न गिरने पाएं। इसमें आसपास का गंदा पानी न पहुंचे। सरोवर के आसपास छायादार व फलदार पौधे लगाए जाएंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच व प्रकाश के साथ पाथवे भी बनाया जाएगा।

केस-1
सुइथाकला क्षेत्र के कोहड़ा गांव में 2022 में चयनित अमृत सरोवर तालाब का निर्माण शुरू हुआ था। सरोवर के किनारे पक्का घाट बनाकर चारों तरफ इंटरलॉकिंग, पौधरोपण, बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था के साथ ही वाॅकिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाना था, लेकिन मनरेगा का बजट नहीं आने से आज भी अधूरा है। प्रधान कोहड़ा जयराज बिंद ने बताया कि धन उपलब्ध नहीं होने कारण तालाब पर इंटरलॉकिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन


केस-2
बदलापुर क्षेत्र के कुशहां दितीय गांव में अमृत सरोवर का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया है कि बीते चार माह से तालाब का काम बंद पड़ा है। अभी तक सीढ़ी, इंटरलॉकिंग का काम नहीं हुआ। पेड़-पौधे भी नहीं लगाए गए हैं। इससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
केस-3
महराजगंज क्षेत्र के गद्दोपुर ग्राम सभा में बीते वर्ष तीन अप्रैल 2023 से अमृत सरोवर का कार्य शुरू हुआ, लेकिन अभी तक सभी काम पूरेनहीं हो सका है सरोवर के किनारे कोई छायादार वृक्ष नहीं लगाए गए हैं। न ही उठने-बैठने के लिए कोई कुर्सी या बेंच ही लगाई गई है। ग्राम प्रधान राममिलन यादव ने बताया कि धन के अभाव में कुछ काम अधूरा रह गया है।
सभी अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा करने के लिए शासन की ओर से कहा गया था, लेकिन बजट के अभाव में कार्य प्रभावित हो रहा है। आठ माह से पैसा नहीं आया है।-सुशील त्रिपाठी, डीसी मनरेगा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें