क्षेत्र के मधईपुर गांव में एक मजदूर के इकलौते बेटे का शनिवार को फंदे से लटकता शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव निवासी ओमप्रकाश सरोज व उनकी पत्नी प्रमिला मुंबई में मजदूरी कर अपना परिवार चलाते हैं। उनके छह बच्चों में से पांच बेटियां व एक बेटा आदर्श(13) था। एक बेटी की 10 साल पहले मृत्यु हो चुकी है, जबकि दो बेटियों की शादी हो चुकी है। शनिवार को करीब ढाई बजे आदर्श(13) की दादी धनदैइ और दो बहनें घर पर नहीं थीं। आदर्श घर के सामने लगे छप्पर में बांस पर नायलॉन की रस्सी से फंदा लगाकर झूल गया। करीब आधे घंटे बाद जब परिवार के सदस्य घर लौटे, तो आदर्श का शव फंदे से लटकता देखकर सन्न रह गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग इकट्ठे हो गए। लोगों के अनुसार कुछ दिन पहले आदर्श को पढ़ाई के लिए उसकी बड़ी बहनों ने फटकार लगाई थी। माना जा रहा है कि इसी से वह नाराज था।
बताया गया कि फरवरी के पहले सप्ताह में उसके माता-पिता घर आए थे और 12 फरवरी को वापस मुंबई लौट गए थे। उप निरीक्षक कमलेश तिवारी मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। इस बाबत थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।