03- पंचहटिया में आजमगढ़ की ओर जा रहे टेलर में पशुओं की तरह ठूंसकर जा रहे प्रवासी श्रमिक।
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जौनपुर। जिले में कोरोना के चार नए मामले सामने आए हैं। सभी पीड़ित मुंबई से एक साथ काम करते थे। वह आठ मई को निजी साधन से जौनपुर आए थे। पीड़ितों में दो सुईथाकला ब्लाक हैं, जबकि एक शाहगंज सोधी ब्लाक का निवासी है। एक अन्य मरीज जिले की सीमा से सटे सुल्तानपुर के अखंडनगर ब्लाक का निवासी है। चारों को देर रात वाराणसी के मंडलीय चिकित्सालय भेज दिया गया। उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। जिले में अब कुल मरीजों की संख्या 18 हो गई है, जिसमें आठ स्वस्थ हो चुके हैं।
सुईथाकला ब्लाक के डीह अशरफाबाद गांव निवासी एक व्यक्ति की मुंबई के चेंबूर में अमूल की एजेंसी है। लॉक डाउन में काम बंद होने और कोरोना का संक्रमण बढ़ने के बाद वह पांच मई को अपनी पत्नी, पुत्र और दुकान पर काम करने वाले गांव के एक युवक समेत छह लोगों के साथ बोलेरो से रवाना हुआ। उसके एक दिन पूर्व उसी के साथ काम करने वाले दो युवक बाइक से घर के लिए निकले थे। आठ मई को सभी डीह अशरफाबाद गांव पहुंचे, तब से वहीं रह रहे थे। जानकारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर उनका सैंपल लिया। शुक्रवार को उनकी रिपोर्ट आई तो उसमें से चार कोरोना पॉजीटिव मिले हैं। इनमें एक एजेंसी मालिक का बेटा (16) है, जबकि दो उसके साथ बोलेरो में आए सोंधी शाहगंज ब्लाक के तरसांवा गांव का निवासी 21 वर्षीय और सुल्तानपुर के अखंडनगर ब्लाक के उंडरी गांव निवासी 23 वर्षीय रिश्तेदार शामिल हैं। बाइक से आया डीह अशरफाबाद निवासी एक युवक भी कोरोना पॉजीटिव मिला है, जबकि उसके साथ बाइक पर मड़ियाहूं निवासी युवक की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। चार नए मरीज मिलने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी मरीजों को मंडल मुख्यालय के पं.दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में भेजने को निर्देशित कर दिया गया है। उनके संपर्क में आए सभी लोगों को भी आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर सैंपल लिए जाएंगे। संबंधित गांवों को सैनिटाइज कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।
किसी में नहीं दिखे हैं कोरोना के कोई लक्षण
शुक्रवार को मिले चार नए मरीजों में से किसी में भी कोरोना का कोई लक्षण स्पष्ट नहीं हुआ था। मेहरांवा सीएचसी पर थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान भी सब सामान्य था। वहां जांच कराने के बाद वह पूरी तरह आश्वस्त होकर होम क्वारंटीन में रह रहे थे। देर शाम तक उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब उन्हें वाराणसी ले जाने एंबुलेंस लेकर पहुंची तो वह रिपोर्ट के बारे में जानकर सन्न रह गए।