फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चक्रवात का दिखा असर, दिन भर हुई बारिश

विज्ञापन
विज्ञापन
यास तूफान के असर से बृहस्पतिवार को मौसम के रुख में बदलाव रहा। तेज हवाओं के बीच पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश और हवाओं से सुहाने हुए मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। सड़कों पर जलभराव और कीचड़-फिसलन से राहगीरों को दुश्वारी झेलनी पड़ी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। प्रशासन ने हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए तहसील स्तरीय टीमों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

बंगाल की खाड़ी से उठे यास तूफान ने बंगाल और उड़ीसा के तटवर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग ने भी पूर्वी यूपी के जिलों में भी तूफान के असर रहने की चेतावनी दी थी। इसके तहत 30 मई तक बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अनुरूप ही बुधवार की रात से मौत के रुख में बदलाव देखा गया। तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा गए थे। बृहस्पतिवार को सुबह से ही बादल छाए रहे। तेज ठंडी हवाएं चलती रहीं। सुबह 10 बजे के बाद अचानक से बारिश भी शुरू हो गई। रिमझिम बारिश का यह सिलसिला रुक-रुककर पूरे दिन जारी रहा। दिन भर में 15 एमएम बारिश दर्ज की गई। शहर की सड़कों पर बारिश के बाद कीचड़ और फिसलन के चलते राहगीरों को फजीहत झेलनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल ने बताया कि 28-29 तक तूफान का असर रहेगा। इसके बाद यह कमजोर पड़ने लगेगा। इस दौरान बारिश और आंधी की आशंका है। उन्होंने बताया कि बंगाल के आगे तूफान की गति कम होने से इस इलाके में थोड़ी राहत हुई है।
---
बारिश से दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा ढहा
मुफ्तीगंज। लगातार बारिश के चलते नैपुरा गांव में प्यारेलाल गुप्ता के पुराने मकान का अगला हिस्सा ढह गया। प्यारे लाल का परिवार करीब 15 वर्षों से मुंबई में रहता है। गांव के प्रधान पति कृष्णमोहन नागर ने फोन से उन्हें सूचना दी। मकान की छत पर पीपल का पेड़ है, जिसके प्रभाव से छत जर्जर हो गई है। मकान के ठीक सामने से मार्ग गोमती नदी की ओर जाता है। संयभोग रहा कि उस वक्त मार्ग पर कोई आवागमन नहीं था।
विज्ञापन

---
ईंट भट्ठा मालिकों को हुई क्षति
बरईपार। यास चक्रवात के असर से हुई बारिश ने ईंट भट्ठा मालिकों को एक बार फिर चपत लगाई है। बरसात से नई पाथी गई ईंट गल गई। भट्ठा मालिक महेंद्र, अनुज, जंगबहादुर आदि ने बताया कि इस समय बरसात की आशा नहीं थी। इसलिए कच्ची ईंट की पथाई कराकर उसे सूखने के चट्टा लगवा दिया गया था। कुछ ईंट जमीन पर पाथ कर सूखने के लिए रखी गई थी, जो बरसात से गल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें