पवारा जल निगम-- अधूरी पड़ी पानी टंकी। संवाद
पवारा। जल जीवन मिशन के तहत पवारा थानाक्षेत्र के बामी गांव में दो साल पूर्व पानी की टंकी की नींव पड़ी थी और तब आधिकारिक और राजनीतिक घोषणाओं के अनुसार लग रहा था कि इस मिशन के पूरा होने पर तीन गांवों के हजारों घर लाभान्वित हो पाएंगे और उन्हें शहर की भांति टोंटी से स्वच्छ पेयजल मिल पाएगा। मगर, ग्रामीणों का सपना अब टूट चुका है। बामी और आसपास के गांवों अलापुर एवं करौरा के सात-आठ सौ परिवारों की प्यास बुझाने के लिए इस योजना के तहत हर घर में टोटी के जरिये स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था। मगर दो साल से इसके काम ठप पड़े हैं और लोगों ने अब बंद पड़ी योजना को फिजूलखर्ची बताना शुरू कर दिया है। पिछले आठ महीने से टंकी का निर्माण रुका है। बामी की ग्राम प्रधान, टंकी और अन्य उपकरणों की देखभाल के लिए नियुक्त गार्ड और ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने बोरिया बिस्तर समेट लिया है। अधूरी टंकी का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। नए कनेक्शन जोड़ने का काम भी नहीं हो रहा। सैकड़ों जगह लीकेज की समस्या भी ठीक नहीं की गई। गांव के महेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि गांव में सिर्फ 40 फीसदी घरों में कनेक्शन हुआ है, जिसकी तस्दीक ग्राम प्रधान सरोज सिंह भी करती हैं। उनका कहना है कि उनके घर में भी कनेक्शन नहीं हुआ है। जेनरेटर से 5-10 मिनट के लिए सुबह-शाम कुछ महीने पानी की आपूर्ति दी गई तो पूरा पानी अकेले बामी गांव के लगभग 50 स्थानों पर हुए लीकेज और खुली पाइप से बाहर निकल गया। भगेलू गौड़ की बेटी कंचन ने बताया कि उनके और परिवार के जयप्रकाश एवं ओमप्रकाश गौड़ के घरों पर आठ महीने पहले बिना टोंटी के पाइप लगाकर छोड़ दी गई है, जिसमें आज तक पानी नहीं आया। मनोज सिंह का कहना है कि लोगों को आज तक पीने के लिए तो पानी नहीं मिला लेकिन पाइपलाइन खुली होने से जगह-जगह सड़कों पर कीचड़ हो जा रहा है। गांव के वेद प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि बभनौटी पुरवे में 20 घर ब्राह्मण हैं और किसी के घर कनेक्शन नहीं दिया गया। सिर्फ अधूरी टंकी के पास की ब्राह्मण बस्ती में कुछ घरों में कनेक्शन दिए गए। गांव की प्रधान सरोज सिंह का कहना है कि योजना हर स्तर पर फ्लॉप रही है। बीते पांच महीने से एक बूंद पानी नहीं आया। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को खोद कर छोड़ दिया गया है। इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा के मीरगंज मंडल अध्यक्ष महेश चौरसिया ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2025 में जल शक्ति मंत्री को पत्र भेजकर तीनों गांवों में पानी सप्लाई चालू कराने की मांग की थी। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सौमित्र ने बताया कि बामी गांव में फिलहाल काम स्थगित कर दिया गया है। क्योंकि सरकार के निर्देशानुसार जहां पर कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, वहां पहले अनुरक्षण के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। कहां कि वह टंकी के विषय में नहीं बता सकते कि वह कब तक पूर्ण होगी।