जौनपुर। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को ग्राम रोजगार सेवकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौरसिया ने जिलाधिकारी को बताया कि ग्राम रोजगार सेवकों समेत मनरेगा के अन्य सभी कर्मियों की ईपीएफ धनराशि कटौती किए जाने के बाद भी उनके निजी खाते में अभी तक विकास खंड कार्यालयों से कोई राशि नहीं भेजी गई।
पूर्व में दिए गए मांग पत्रों पर खुद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया था। कहा कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2019-20 में जिले भर के सभी संविदाकर्मियों का ईपीएफ का खाता खुलवाया गया था। इसके बाद, अप्रैल 2020 से प्रतिमाह मिलने वाले मानदेय से नियमित तौर पर जिले के सभी ब्लॉक स्तर से कटौती की गई लेकिन किसी भी संविदाकर्मी का ईपीएफ से काटी गई राशि की रकम उसके निजी खाते में भेजी नहीं गई। विकास भवन स्थित मनरेगा सेल से बताया गया कि जिले भर के संविदा कर्मियों की ईपीएफ से काटी गई करोड़ों रुपये की राशि 21 विकास खंड कार्यालयों को स्थानांतरित कर दी गई है। लेकिन अभी किसी के खाते में धनराशि आया नहीं है। मौके पर राकेश कुमार, महेंद्र कुमार यादव, बृजेश कुमार मौर्य, संतोष कुमार मौर्य, सुजानगंज ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप कुमार आर्य आदि उपस्थित रहे।