तेज हवा के साथ बारिश हुई तो सबसे अधिक गेहूं व चने की फसलों की भारी क्षति होगी। जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। वैसे पिछले दो -तीन दिनों से मौसम के बदले मिजाज से किसान चिंतित हैं। वह इस समय खेतों में अधपकी फसलों को बचाने का उपाय खोज रहे हैं। जिले में लगभग छह लाख 40 हजार किसान हैं। इन किसानों द्वारा दो लाख 46 हजार 897 हेक्टेयर खेत में रबी के फसलें गेहूं, चना, सरसों, मटर आदि की खेती की गई है। अभी भी खेतों में अधपकी गेहूं व चना की फसल खड़ी है। जिसको पक जाने के बाद किसान घर लाने की तैयारी कर रहा है।
लेकिन इस समय आसमान में बादल देख किसान हैरान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह फसलों को लेकर क्या करें।
किसानों को फसलों के नुकसान होने की चिंता सताने लगी है। किसान जोर शोर से तैयार फसलों को काटकर रखने में जुटे हैं। लेकिन अधपकी फसलों को उनको खेतों में ही छोड़ना पड़ रहा है। अगर बारिश के साथ तेज हवा चली तो सबसे अधिक गेहूं की फसल नष्ट होगी। कृषि विभाग की मानें तो अगर बारिश हुई तो गेहूं की फसल गिर जाएगी। जिसके चललते किसान परेशान हो जाएंगे।
जिससे उसका दाना हल्का व काला हो जाएगा। इस दौरान इसका उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। हालांकि विभाग द्वारा रबी के फसलों के उत्पादन का लक्ष्य 30 कुंतल प्रति हेक्टेयर है।