पत्नी को मिठाई खिलाती परिवार की महिलाएं।
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गिरीश यादव को राज्य मंत्री बनाए जाने की खबर टीवी के जरिए मिली तो उनके शहर स्थित आवास पर लोग बधाई देने पहुंचने लगे। गिरीश के 13 वर्षीय पुत्र वैभव भी लोगों के बीच में बैठकर सबकी बातें सुन रहा था। तभी उसके मोहल्ले को कुछ दोस्त बैट बाल लेकर आ गए। संडे का दिन होने के कारण सभी लड़के क्रिकेट खेलने मैदान पर जा रहे थे। साथियों ने वैभव को मैदान पर चलने के लिए कहा तो उसने कहा कि आज क्रिकेट खेलने नहीं चलेंगे। पापा मंत्री बने हैं अभी वह टीवी पर दिखेंगे। उधर, गिरीश को मंत्री बनाए जाने की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता और उनके समर्थक जश्न में डूब गए। जगह जगह मिठाइयां बाटी गई और उत्साहित समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया। शहर के ख्वाजगी टोला स्थित उनके मकान से लेकर पैत्रिक गांव पनियरियां तक बधाई देने वालों का तांता लगा है।
गिरीश के परिवार के लोगों को सुबह तक पता नहीं था कि उन्हें प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। गिरीश की पत्नी संजू यादव रोज की तरह रविार को भी घर के काम में व्यस्त थीं। उनके पिता सवधू राम यादव खेतीबारी के काम में लगे थे। गिरीश को मंत्री बनाए जाने की खबर सबसे पहले उनके बेहद करीबी राजदेव यादव ने गिरीश के भतीजे सौरभ यादव को फोन पर दी। फिर क्या था, घर का सारा काम धाम छोड़ परिवार के सभी सदस्य टीवी से चिपक गए।
गिरीश की पत्नी संजू यादव, बेटी प्रगति, पूजा और बेटा वैभव, भाई दूधनाथ यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य भी टीवी देखने बैठ गए। खबर मिलते ही पास पड़ोस के लोग भी जमा होने लगे। एक दूसरे को लोग मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे थे। राज्य मंत्री की शपथ लेने के बाद गिरीश के परिवार के सभी सदस्यों के फोन घनघनाने लगे। नात रिश्तेद, शुभचिंतक सभी फोन पर बधाई दे रहे थे। शहर में जगह जगह लोग खुशी में मिठाइयां बाटे और एक दूसरे को बधाई दी। सिपाह स्थित देव फीलिंग स्टेशन पर राजदेव यादव, शमीम अहमद, सुबेदार यादव आदि ने मिठाइयां बाटी। गिरीश यादव के समसपुर पनियरियां स्थित पैत्रिक आवास पर भी बधाई देने वालों की भीड़ लगी रही।
उधर, विधायक गिरीश यादव को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता नदीम जावेद को हराने का इनाम मिल गया। इस बार भाजपा और उसेक सहयोगी दल ने पांच सीटों पर जीत हासिल की है। सपा को तीन और बसपा को एक सीट मिली है। पांच सीटों पर विजय के बाद भी एक विधायक को राज्यमंत्री बनाया गया है। वह भी क्षेत्रीय समीकरणों और जातिगत आधार पर मौका मिल पाया है।