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फावड़े से हमला कर महिला समेत दो की हत्या 

Sat, 02 Apr 2016 06:49 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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चंदवक के जमुआ गांव में दोहरे हत्याकांड के बाद परिवार के लोगों से पूछताछ करते डीआईजी डा. संजीव गुप्ता।
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चंदवक थाना क्षेत्र के जमुअंा गांव की दलित बस्ती में शनिवार को सुबह फावड़े से हमला कर वृद्ध महिला समेत दो की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला के पुत्र और बहू के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि महिला के बेटे की मानसिक दशा ठीक नहीं रहती।
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आए दिन परिवार में विवाद होता रहता था। सुबह करीब पांच बजे बरामदे में सो रही मां को बेटे और बहू दोनों फावड़े से मार रहे थे तभी पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति मौके पर पहुंच गए। वह बीच बचाव करने लगे। इतने में ही उनपर भी फावड़े से हमला कर दिया गया। दोनों को एक चिकित्सक के पास ले जाया गया जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर डीआईजी वाराणसी मंडल डा. संजीव गुप्ता, एसपी सिटी रामजी सिंह यादव और थानाध्यक्ष चंदवक मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। डाग स्क्वायड भी पहुंचा। मृत महिला के छोटे बेटे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर महिला के तीसरे नंबर के पुत्र और बहूको गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
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जमुआं गांव निवासी खिरिस्टी राम रेलवे में चालक थे। रिटायर होने के बाद गांव में ही रहते थे। खिरिस्टी के पास चार बेटे हैं। बड़ा बेटा तीर्थराज पागल है। दूसरा बेटा भूपेंद्र मुंबई में रहता है। तीसरा जितेंद्र अपने माता पिता के साथ रहता था जबकि सबसे छोटा बेटा सुरेंद माता-पिता से अलग रहकर राजगीर का काम करता है।

ग्रामीणों के मुताबिक जितेंद्र की भी मानसिक दशा ठीक नहीं रहती है। खिरिस्टी राम आंख का इलाज कराने के लिए अपनी बेटी के घर बजरंगनगर गए थे। जितेंद्र ने सुबह करीब पांच बजे पड़ोसी गांव बरगहा निवासी बलवंता यादव के पौत्र मनोज को फोन कर गाड़ी मंगवाया कहा कि मां को चोट लग गई है उसे अस्पताल ले चलना है।

गाड़ी में दोनों को लादकर एक निजी चिकित्सालय ले गए जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में बलवंता के चेहरे से चादर हटा तो अपने बाबा का शव देख मनोज चीख पड़ा। वह दोनो का शव लेकर खिरिस्टी राम के घर पहुंचा और शोर मचाने लगा। मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर एसओ चंदवक नदीम अहमद फरीदी मौके पर पहुंच गए।

थोड़ी देर बाद डीआईजी वाराणसी डा. संजीव गुप्ता, एसपी सिटी रामजी सिंह यादव, डागस्क्वायड टीम के साथ पहुंच गए। डागस्क्वायड घूम फिरकर जितेंद्र और उसकी पत्नी के पास ही रुक जाता था। पुलिस ने पूछताछ की तो मृत महिला के छोटे पुत्र सुरेंद्र ने पुलिस को बताया कि रात में वह मकान की छत पर सोया था। सुबह करीब पांच बजे बरामदे में चिल्लाने की आवाज सुना तो दौड़कर नीचे आया देखा की जितेंद्र और उसकी पत्नी वहां खड़ी थी और हाथ में फावड़ा था।

मां इंद्रावती देवी (68) और पड़ोसी गांव बरगहां निवासी बलवंता यादव लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे थे। उसकी तहरीर पर पुलिस ने जितेंद्र और उसकी पत्नी प्रमीला के खिलाफ केस दर्ज कर दोनो को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि सुबह घटना की सूचना पर खिरिस्टी राम घर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि बेटा उनकी हमेशा सेवा करता था वह ऐसा नहीं कर सकता।
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