सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बर्रैयाकाजी गांव में 28 जनवरी की रात में प्रेमी-प्रेमिका की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस मामले के एक आरोपी राजवंत मौर्य को पुलिस ने मंगलवार की देर शाम बर्रैयाकाजी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जयहिंद मौर्य और प्रियंका यादव की हत्या प्रतिशोध और प्रेम प्रपंच के चलते हुई थी। इसमें चार लोग शामिल थे। कुछ और लोग भी अपरोक्ष रूप से हत्या में शामिल थे।
बर्रैयाकाजी गांव में प्रियंका यादव और जयहिंद मौर्य की 28 जनवरी की रात में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में प्रियंका के भाई राहुल यादव ने केस दर्ज कराया कि जयहिंद मौर्या ने उसकी बहन प्रियंका यादव की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद अपने घर पर जाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मृतक जयहिंद और उसके एक साथी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि जयहिंद और प्रियंका की मौत के बीच में डेढ़ घंटे का अंतराल है। जयहिंद की हत्या गोली से नहीं बल्कि सिर में नुकीला हथियार गोदकर की गई थी। घटना के बाद जांच पड़ताल में एसओ केके मिश्रा जुटे थे। उन्होंने जयहिंद और प्रियंका यादव की मोबाइल का काल डिटेल निकाला। जयहिंद को जिसने अंतिम काल किया था उसे पकड़ कर पुलिस ने पूछताछ किया तो शक गहरा गया।
मंगलवार की देर शाम पुलिस ने राजवंत मौर्य को गिरफ्तार कर लिया। राजवंत ने बताया कि जयहिंद मौर्य उसका चचेरा भाई था। वह जब नाबालिग था तो जयहिंद ने उसकी मां की पिटाई की थी जिससे कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद उसके मन में हत्या का प्रतिशोध उपजा था।
जब जयहिंद का प्रेम जलाऊ यादव की चचेरी बहन से हो गया तो उसने जलाऊ को हत्या के लिए उकसाया। उन दोनों ने मिलकर दो अन्य लोगों के सहयोग से उसे पहले गांव के बाहर बुलाया गया जहां नुकीले हथियार से हत्या करने के बाद शव उसके बिस्तर पर रख कर पास में तमंचा रख कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। प्रियंका की हत्या इस वजह से की गई कि उसे जयहिंद की हत्या का शक हो गया था। वह राज खोल देती इस वजह से उसे भी मार डाला गया।