सुजानगंज के राई गांव में गुरुवार की सुबह पेड़ काटने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद न सिर्फ जमकर मारपीट हुई बल्कि पथराव भी हुआ।
इस दौरान एक पक्ष से की गई फायरिंग में सात लोग घायल हो गए। मारपीट में दूसरे पक्ष के भी दो लोगों को गंभीर चोटें आईं हैं। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल दो लोगों को वाराणसी रेफर किया गया है।
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तनाव को देखते हुए मौके पर डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है।
साथ ही एसडीएम बदलापुर ममता मालवीय को इस मुद्दे का निबटारा करने को कहा गया है।राईपुर गांव में सई नदी के किनारे महुआ का एक पेड़ है।
इसे दलित बिरादरी के लोग अपने पट्टे की जमीन में और दूसरे पक्ष के लोग अपनी जमीन में होने का दावा करते रहे हैं। डेढ़ साल पहले भी दोनों पक्षों में इसे लेकर विवाद हुआ था।
इसके बाद भी किसी पक्ष ने न तो पैमाइश कराई और न ही पुलिस और राजस्व विभाग ने तत्परता दिखाई। इस बीच गुरुवार की सुबह अमित सिंह, किशन सिंह, चंदन सिंह आदि लोग ठेकेदार को लेकर पहुंचे और पेड़ की कटाई कराने
लगे। जब दलित बस्ती के लोगों को पता चला तो वे भी मौके पर पहुंचे और पेड़ काटने से मना करने लगे। इसे लेकर दोनों तरफ से कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। इस दौरान दलित बस्ती के लोगों ने किशन और चंदन की पिटाई
कर दी। इससे नाराज अमित सिंह और उनके समर्थकों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दलित पक्ष के उमाशंकर (47), फतेह बहादुर (50), मोहन (32), कृष्ण कुमार (27) अवनीश (15), सिरताजी देवी (52) और कंचन (17) को गोली
लग गई। उमाशंकर को पैर, पीठ और गर्दन में तीन व फतेह बहादुर को दो गोली लगी। रेफर किए गए उमाशंकर और फतेह बहादुर को वाराणसी के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। शेष घायलों का इलाज जिला
चिकित्सालय और अन्य निजी चिकित्सालयों में चल रहा है। सूचना मिलने पर एसपी भारत सिंह यादव, एसपी देहात चिरंजी नाथ सिंह, सीओ बदलापुर एवं एसओ केके मिश्रा मौके पर पहुंचे। दलितों की तरफ से शुभकरन ने अमित,
शुभम और चंदन आदि के खिलाफ जानलेवा हमला करने और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है, जबकि नरेंद्र सिंह की पत्नी अमरावती ने भी कई दलितों के खिलाफ एकजुट होकर हमला करने, मारने-पीटने की तहरीर पुलिस को दी है।