स्थानीय थाना क्षेत्र के भोसिला गांव में भेड़ चराने गए केशव प्रसाद पाल का शव गुरुवार की सुबह सरसों के खेत में मिला। शव पर धारदार हथियार के निशान थे। घटना से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं लेने दिया और चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंचे एसपी रामप्रताप सिंह, एडीएम रजनीश चंद्र और एसपी ग्रामीण अरुण कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। पुलिस ने दो लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घरवासपुर निवासी केशव प्रसाद पाल (35) बुधवार की दोपहर 50 भेडों को लेकर उन्हें चराने गया था। देर रात तक नहीं लौटने पर उसकी पत्नी शारदा देवी और ग्रामीण उसे तलाश करने निकले। देर रात विझवट गांव के समीप दो लोग भेड़ों को लेकर जा रहे थे। भेड़ों को देख कर केशव की पत्नी और उसके पुत्र ने भेड़ों को पहचान लिया। जब दोनों ने केशव के बारे में पूछा तो उन्होनें शारदा और उसके पुत्र की पिटाई कर दी तथा भेड़ छोड़ कर भाग निकले।
मां और बेटे ने रात में ही पुलिस को सूचना दी। संदेह के आधार पर पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया। रातभर केशव की पत्नी अन्य लोगों के साथ खेत-खेत पति को तलाश करती रही। मृतक के तीन पुत्र राहुल, रोहित और राजू हैं।
गुरुवार की सुबह शारदा अपने पुत्र राजू (13) और अन्य लोगों के साथ भोसिला गांव के एक सरसों खेत के पास पहुंची तो वहां केशव का शव मिला। वह औंधे मुहं गिरा था और उसके चेहरे पर चाकू के निशान थे। उसकी गला दबा कर हत्या करने के बाद चाकू से गोदने की आशंका जताई जा रही है। मौत की सूचना पर घरवासपुर समेत आस पास के गांव के लोग मौके पर पहुंच गए।
कांग्रेस नेता सम्राट सिंह, किसान एकता मंच के कृष्णा सिंह, ग्राम प्रधान रामअवध, अवधेश यादव, विनय सिंह भी पहुंचे। उधर पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो नाराज ग्रामीणों ने पुलिस को शव को हाथ नहीं लगाने दिया। सूचना पर एसपी रामप्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण अरुण श्रीवास्तव, एडीएम रजनीश चंद्र मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटना का वर्कआउट करने, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन देकर
शव को तीन बजे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। एसपी ने बताया कि हत्या के मामले में पुलिस ने बंधवा बाजार निवासी इरशाद अली और नन्हकू उर्फ गुलजार को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।