बीटीसी परीक्षा में नकल कराने के आरोपी तिलक धारी सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उधर प्रबंध समिति की हुई बैठक में प्रधानाचार्य को निलंबित कर जांच बैठा दी गई। प्रशासन ने प्रधानाचार्य कार्यालय को सील कर दिया है।
बीटीसी वर्ष 2013 की द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा 28 जुलाई को टीडी इंटर कालेज में आयोजित थी। आरोप है कि परीक्षा में छात्रों को पास कराने के लिए कालेज के प्रधानाचार्य और कक्ष निरीक्षकों ने ठेका ले रखा था। लाखों रुपये इसके नाम पर वसूले गए थे। इसकी शिकायत किसी ने गोपनीय रूप से डीएम भानुचंद्र गोस्वामी से किया।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम राकेश पटेल और सीओ सिटी अभिषेक सिंह ने छापा मारा तो भगदड़ मच गई। तीन कक्ष निरीक्षक और तीन छात्र नकल कराते रंगे हाथ पकड़ लिए गए। परीक्षा में 14 छात्रों के पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया।
इस मामले में प्रधानाचार्य डा. वीरेद्र प्रताप सिंह ने तीन कक्ष निरीक्षकों और तीन छात्रों के खिलाफ जहां केस दर्ज कराया वहीं लाइनबाजार थाने के एसआई यूपी सिंह ने गिरफ्तार तीन छात्रों और कक्ष निरीक्षक शशि राय के बयान के आधार पर प्रधानाचार्य के खिलाफ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने, अनुचित साधनों का प्रयोग कराने आदि
मामलों में केस दर्ज कराया था। इसी मामले में पुलिस ने रविवार को सुबह प्रधानाचार्य के मुरादगंज स्थित आवास से गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। सीओ सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि कक्ष निरीक्षक शशि राय ने बताया कि प्रधानाचार्य ने ही नकल की पूरी
प्लानिंग तैयार की थी। इसके एवज में छात्रों से लाखों रुपये वसूली की गई। नीचे कमरे खाली होने के बाद भी दूसरी मंजिल के कमरों में परीक्षा कराई गई ताकि जिन छात्रों से पैसा लिया गया है उन्हें बेधड़क नकल कराकर पास कराया जा सके।