रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर इटहरा गांव में बुधवार की रात हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद गुरुवार की भोर में पहुंची पुलिस द्वारा जबरन दो शवों को थाने उठा ले जाने के बाद माहौल बिगड़ गया। पुलिस जब तीसरे शव को ले जाने पहुंची तो ग्रामीणों से झड़प और धक्कामुक्की शुरू हो गई।
इस दौरान तीन बार पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव किया। इससे सात घंटे से अधिक समय तक हाईवे जाम रहा। पथराव में छह पुलिस कर्मियों को हल्की चोटें आईं। जाम समाप्त होने के बाद डीएम भानुचंद्र गोस्वामी भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने मृतक के घर वालों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और कृषक बीमा योजना के तहत लाभ दिलवाने का आश्वासन दिया।अनियंत्रित बोलेरो की चपेट में आने से सुखलाल के परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और एक बालिका रिंकी घायल हो गई।
परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार की भोर में एसओ मुंगराबादशाहपुर तहसीलदार सिंह मय फोर्स पहुंचे और बोलेरो में सवार मरीज को भेजवाने के बाद चिक्कू सरोज और विजय लक्ष्मी के शव को थाने उठा ले गए। राजकुमार का शव मौके पर पड़ा रहा। उसे जब लेने दोबारा पुलिस वाले आए तो ग्रामीणों से कहासुनी हो गई।
ग्रामीणों ने दोनों शव को वापस लाने की मांग करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक(देहात) अरुण कुमार श्रीवास्तव , ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार, सीओ हितेंद्र कृष्ण, तहसीलदार रामजीत मौर्या घटनास्थल पर पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे।
अधिकारियों ने मृतकों के घर वालों को कृषक बीमा योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना , मुख्य मंत्री राहत कोष से भी सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीण दोनों शव थाने से वापस लाने और डीएम, एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इसी बात पर कहासुनी के बाद धक्का मुक्की शुरू हो गई।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो ग्रामीण और उग्र हो गए। उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान सिपाही श्यामलाल भारती की बाइक को आग के हवाले कर दिया। पथराव शुरू होते ही अधिकारी मौके से भागने लगे। भागते हुए एक किलोमीटर दूर जाकर रुके।
घंटे भर मशक्कत के बाद जब पूरी फोर्स और पीएसी आ गई तो दोबारा पहुंचे। इस बीच फिर पथराव हुआ। लेकिन फोर्स नहीं हटी। कुछ देर बाद एसपी रोहन पी कनय भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पूरी फोर्स को ब्रीफ किया और भागने वाले अफसरों को भी फटकारा।
पूरी फोर्स लेकर एसपी आगे बढ़े तो भी ग्रामीणों ने पथराव किया। एसपी रोहन पी कनय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्येंद्र ने सूझबूझ का परिचय दिया और हल्का बल प्रयोग कर ग्रामीणों को काबू किया।
मौके पर पहुंची बसपा नेत्री सुषमा पटेल और सपा नेता ज्वाला प्रसाद यादव ने भी ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया। लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुई। करीब ढाई बजे ग्रामीणों को समझा बुझाकर अधिकारियों ने रास्ता साफ कराया।