11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
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दो वर्ष पूर्व बदलापुर थाना क्षेत्र के बिथुआ कला गांव में दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने सजा सुनाई। कोर्ट ने पति राकेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
मामले में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी सुसर लोटईराम, सास श्यामा देवी और देवर मुकेश को बरी कर दिया गया। अभियोजन कथानक के अनुसार- बदलापुर थाना क्षेत्र के सरायगोवर्धन निवासी वादी मुकदमा सुभाष ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी उसकी बहन अंतिमा की शादी तीन वर्ष पूर्व बिथुआ कला गांव निवासी राकेश
पुत्र लोटईराम के साथ किया था। शादी में बाइक, चेन व अंगूठी नहीं दे पाया था। इसी बात को लेकर पति राकेश, ससुर लोटई राम, सास श्यामा देवी व देवर मुकेश मेरी बहन को मारने-पीटने व प्रताड़ित करने लगे। इसकी जानकारी मेरी बहन हम लोगों को लगातार दे रही थी।
उक्त मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालीजन तीन अगस्त 2014 को मेरी बहन की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने कुल छह गवाह कोर्ट में पेश किया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के बाद आरोपी पति राकेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि संदेह का लाभ देते हुए आरोपी सुसर,सास व देवर को बरी कर दिया गया।