जेल में बंद शातिर अपराधियों के पास मोबाइल पहुंच गए है। एक वर्ष में आठ से दस मोबाइल बरामद होने, जेल से हत्या की सुपारी देने के मामले का खुलासा होने के बाद भी जेल प्रशासन मोबाइल पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
जिले के शातिर एक लुटेरे ने शुक्रवार को फोन कर मछलीशहर इलाके के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को न केवल धमकी दी बल्कि रंगदारी भी मांगी। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी है। जौनपुर जेल में दो ऐसे मामले छह माह के अंदर आए जिसमें जेल में बंद बदमाशों ने हत्या की सुपारी जेल से ही दी।
इस बात का खुलासा पुलिस ने खुद अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद किया। इस सप्ताह जेल में बंद सिकरारा थाना क्षेत्र के एक लुटेरे ने जिले के एक राजनीतिक व्यक्ति के इशारे पर मछलीशहर के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को धमकी देते हुए रंगदारी मांगी है। इस मामले की जांच एसपी ने शुरू करा दी है।
इससे पहले जिला प्रशासन और जेल अधिकारियाें की तलाशी में कई बार मोबाइल बरामद हुआ। मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ लाइन बाजार थाने में केस भी दर्ज हुआ। जेल में बंद आगरा के शातिर अपराधी ने एक बंदी रक्षक की हत्या की सुपारी जेल में बंद एक ब्लाक प्रमुख के माध्यम से दी थी।
संयोग ही था कि एसटीएफ को भनक लग गई और इंस्पेक्टर विपिन राय ने हत्या करने आए शूटरों को दबोच लिया। बरसठी थाना क्षेत्र के आशानंदपुर का प्रधान सुधाकर दीक्षित भी जेल में बंद है और उसने अपने विरोधियों की हत्या की सुपारी जेल से ही दी था।
इसका खुलासा एसपी ने खुद प्रेसवार्ता में कर चुके हैं। प्रश्न यह है कि अपराधियों के पास मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं। जबकि वीडियो कांफ्रेेंसिंग के माध्यम से पेशी भी शुरू हो गई है।